बिहार के गया में हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. जिला व अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) संजय कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया. अदालत ने दोषी मिथिलेश रविदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
अदालत ने दोषी पर आजीवन कारावास के साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है. यह घटना वर्ष 2024 में घटित हुई बताई जाती है. लेन-देन को लेकर व्यवसाई की हत्या कर दी गई थी जिसके मामले में अदालत का यह फैसला आया है.
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में गुरारू थाना क्षेत्र में हत्या की इस घटना को अंजाम दिया गया था. अप्रैल 2024 में लेन-देन को लेकर रास्ते में एक शख्स की हत्या कर दी गई थी. यह घटना तब अंजाम दी गई जब गुरारू के बारा गांव के निवासी व्यवसाई सोनू अग्रवाल गुरारु थाना के ही कोची निवासी आरोपी मिथिलेश रविदास को छोडऩे के लिए बाइक से ले जा रहे थे
बताया जाता है कि इसी यात्रा के दौरान पुराने लेन-देन के विवाद को लेकर मिथिलेश रविदास के साथ उनकी बहस हुई. इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और मिथिलेश ने सोनू अग्रवाल पर हथौड़े और धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी.
इस घटना के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए. गया पुलिस ने समय पर चार्जशीट दाखिल की और अदालत के सामने सभी सबूत पेश किए. इन सबूतों के आधार पर ही न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया.
माननीय न्यायालय एडीजे चतुर्थ गया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपना फैसला सुनाया. अदालत ने सबूतों की पुष्टि होने के बाद मिथिलेश रविदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है.








