इतिहास में पहली बार एफएटीएफ का उपाध्यक्ष बना भारत, विवेक अग्रवाल को मिली जिम्मेदारी

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कूटनीति और वित्तीय नजरिए से भारत को एक अहम उपलब्धि हासिल हुई है। इतिहास में पहली बार भारत को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है। इसके साथ ही पेरिस स्थित संगठन के मुख्यालय में केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को एफएटीएफ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। एफएटीएफ एक वैश्विक संस्था है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के लिए मानक निर्धारित करती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, एफएटीएफ में भारत के लिए बड़ी जीत! चूंकि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति का समर्थन करता रहा है, इसलिए यह नेतृत्वकारी भूमिका वैश्विक आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क से निपटने और गैर-कानूनी वित्तीय प्रणालियों को खत्म करने पर हमारे लगातार फोकस को और मजबूत करती है। एफएटीएफ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के पूर्व प्रमुख के तौर पर अग्रवाल की गहरी विशेषज्ञता, वित्तीय अखंडता सुनिश्चित करने के एफएटीएफ के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।
एफएटीएफ ने एक बयान में कहा, सदस्यों ने ब्रिटेन की आगामी अध्यक्षता में एफएटीएफ की प्राथमिकताओं को मंजूरी दी और भारत के विवेक अग्रवाल को आगामी उपाध्यक्ष (जुलाई 2026-जून 2027) के रूप में नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, श्री अग्रवाल का चुनाव इस बात का संकेत है कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और अवैध धन के खिलाफ कार्रवाई में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी अग्रवाल पहले एफएटीएफ में भारत के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और वित्तीय खुफिया इकाई के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीकॉम और विधि एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया से कंपनी सेक्रेटरी कार्यक्रम का इंटरमीडिएट स्तर भी पूरा किया है। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से भी पढ़ाई की है।
एफएटीएफ एक अंतर-सरकारी संस्था है, जिसे 1989 में जी-7 देशों ने बनाया था। इसका मकसद मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग, हथियारों के वित्तपोषण समेत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था के लिए दूसरों खतरों को रोकने के लिए कानूनी और दूसरे कदम उठाना है। इसका सचिवालय पेरिस में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन मुख्यालय में स्थित है। एफएटीएफ में भारत समेत 40 सदस्य हैं। भारत 2006 में इसका पर्यवेक्षक बना और 2010 में पूर्ण सदस्य बन गया।

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