अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में कहा कि फरवरी में ईरान के मीनाब में छात्राओं के जिस स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ था, वह किसी ने भी जानबूझकर नहीं किया था। उन्होंने एवियन-लेस-बैंस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गलतियां होती हैं और इस मामले की जांच की जा रही है। बता दें कि ट्रंप ने शुरू में इस हमले के लिए ईरान को ही दोषी ठहराया था।
सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि क्या मीनाब हमले के लिए किसी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस पर ट्रंप ने सवाल की अजीब बताकर आलोचना और कहा, इस समय यह सवाल पूछना बहुत अजीब है, क्योंकि आप बहुत पुराने समय की बात कर रहे हैं। किसी ने भी जानबूझकर ऐसा नहीं किया था। गलतियां होती हैं, युद्ध भयावह होता है…मैं यह सवाल पीट हेगसेथ (रक्षा सचिव) से पूछूंगा, क्योंकि वे इसकी जांच कर रहे हैं।
अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। उसी दिन मीनाब स्थित शजारेह तैय्येबेह प्राथमिक विद्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइल गिरी, जिसमें 168 छात्राएं और कुछ शिक्षकों की मौत हो गई। मृतक छात्राओं में अधिकतर की उम्र 6-13 साल थी।
सूत्रों ने सबसे पहले खबर दी थी कि अमेरिकी सेना की प्रारंभिक आंतरिक जांच में इस घातक हमले के लिए अमेरिकी सेना जिम्मेदार बताया गया है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जांच शुरू की थी।








