एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय निशानेबाज राजा रणधीर सिंह का निधन

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अनुभवी खेल प्रशासक, 5 बार के ओलंपियन और अर्जुन अवॉर्डी निशानेबाज राजा रणधीर सिंह का बुधवार सुबह नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले ब्रेन स्ट्रोक आया था। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया जाएगा। उनके निधन को भारतीय शूटिंग और ओलंपिक जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। वह लंबे समय तक भारतीय ट्रैप शूटिंग टीम का हिस्सा रहे और खेल जगत में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, गहरे दुख के साथ हम राजा रणधीर सिंह के निधन की खबर साझा कर रहे हैं, जिन्होंने आज, 27 मई, 2026 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने कहा, एक प्रतिष्ठित ओलंपियन, अर्जुन अवॉर्डी और भारत, एशिया तथा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में से एक, राजा रणधीर ने शूटिंग खेल और ओलंपिक के विकास में अमूल्य योगदान दिया। उनकी आत्मा को शांति मिले।
पंजाब के पटियाला के शाही परिवार में जन्मे राजा रणधीर ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। वह 1978 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय निशानेबाज बने थे, जब उन्होंने ट्रैप इवेंट में शीर्ष स्थान हासिल किया था। अपने खेल करियर के दौरान ही उन्होंने खेल प्रशासन में भी कदम रखा। 1994 एशियाई खेलों में वह ऐसे पहले व्यक्ति बने, जिन्होंने एक साथ खिलाड़ी और खेल संगठन के पदाधिकारी के रूप में भाग लिया था।
रणधीर ने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति, भारतीय ओलंपिक संघ और विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी में विभिन्न पदों पर काम किया। वह 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में उपाध्यक्ष भी रहे और 2024 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष बनने वाले पहले भारतीय भी बने थे। उनके परिवार में पत्नी विनीता सिंह और 3 बेटियां महिमा, सुनैना और राजेश्वरी शामिल हैं। राजेश्वरी कुमारी भी एशियाई खेलों की पदक विजेता निशानेबाज हैं।

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