प्रवर्तन निदेशालय ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े ठिकानों पर बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। यह कार्रवाई उनकी बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, श्वष्ठ की टीमें 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं, जिनमें पिनाराई विजयन का आवास भी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की जा रही है।
इससे एक दिन पहले, मंगलवार (26 मई) को केरल हाईकोर्ट ने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए श्वष्ठ की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को बिना औपचारिक एफआईआर के भी पूछताछ करने और समन जारी करने का अधिकार है।
पूरा मामला 2019 में ष्टरूक्ररु पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद सामने आया था। जांच में आरोप लगा कि 2017 से 2019 के बीच ष्टरूक्ररु ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि यह रकम बिना किसी वास्तविक आईटी या सॉफ्टवेयर सेवा के ‘फर्जी खर्च’ के रूप में दिखाई गई। इसके बाद श्वष्ठ ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (क्करूरु्र) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ष्टरूक्ररु के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कार्था और अन्य अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर श्वष्ठ द्वारा दर्ज श्वष्टढ्ढक्र और जारी समन को रद्द करने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि मामले में क्करूरु्र के तहत कोई ‘अनुसूचित अपराध’ नहीं बनता और इसकी जांच पहले से ही गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय कर रहा है, इसलिए श्वष्ठ की समानांतर जांच उचित नहीं है। हालांकि, जस्टिस टी.आर. रवि की पीठ ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि स्स्नढ्ढह्र और श्वष्ठ की जांच का दायरा और उद्देश्य अलग-अलग हैं।








