रांची में एथलेटिक्स का महाकुंभ संपन्न, कई खिलाडिय़ों ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के लिए किया क्वालीफाई

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राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 22 से 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैंपियनशिप का समापन सोमवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ.
चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई किया.
इस प्रतियोगिता के अंतिम दिन भी दर्शकों को जबरदस्त मुकाबले देखने को मिले. पूरे टूर्नामेंट के दौरान 10 से अधिक नए रिकॉर्ड बने, जबकि कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए. चैंपियनशिप के अंतिम दिन सबसे ज्यादा चर्चा पुरुष शॉटपुट मुकाबले की रही, जहां मध्य प्रदेश के 25 वर्षीय समरदीप सिंह गिल ने अनुभवी पंजाब के तजिंदरपाल सिंह तूर को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. समरदीप ने 20.46 मीटर का थ्रो कर गोल्ड जीता और साथ ही ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 20.36 मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क को भी पार कर लिया. वहीं दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर 20.07 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे.
पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में कर्नाटक के यशस पी और एनसीओई त्रिवेंद्रम के संतोष कुमार टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट हासिल किया. यशस ने 49.00 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि संतोष कुमार 49.06 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे. दोनों खिलाडिय़ों ने निर्धारित क्वालीफाइंग समय 50.27 सेकेंड से बेहतर प्रदर्शन किया.
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में महाराष्ट्र के युवा खिलाड़ी शिवम लोहाकरे ने 81.71 मीटर थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता. हालांकि वह कॉमनवेल्थ क्वालीफिकेशन मार्क 82.61 मीटर से मामूली अंतर से चूक गए. राजस्थान के यशवीर सिंह ने 80.80 मीटर और रोहित यादव ने 80.40 मीटर के साथ क्रमश: रजत और कांस्य पदक हासिल किया.
ट्रिपल जंप में जेएसडब्ल्यू के प्रवीण चित्रावेल ने 17.08 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई भी कर लिया. यह प्रदर्शन प्रतियोगिता के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में शामिल रहा. पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में ओडिशा के अनिमेष कुजूर ने 20.64 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता. हालांकि वह कॉमनवेल्थ क्वालीफिकेशन समय 20.61 सेकेंड से बेहद मामूली अंतर से पीछे रह गए. केरल के जीशु प्रसाद दूसरे और रिलायंस के अभय सिंह तीसरे स्थान पर रहे.
पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में हरियाणा के कृष्ण कुमार ने 1:47.68 सेकेंड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया. वहीं महाराष्ट्र के प्रथामेश ए और सत्यजीत एस क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. 5000 मीटर दौड़ में कर्नाटक के शिवाजी परशुराम मदप्पागो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता.
महिलाओं की स्पर्धाओं में भी कई शानदार प्रदर्शन देखने को मिले. महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में तमिलनाडु की विथ्या रामराज ने स्वर्ण पदक जीता. महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में जेएसडब्ल्यू की पूजा ने 2:02.42 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड अपने नाम किया. हाई जंप में उत्तर प्रदेश की ख्याति माथुर ने 1.82 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता.
महिलाओं की हेप्टाथलॉन स्पर्धा में केरल की अनामिका केए ने 5685 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया. वहीं महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हिमाचल प्रदेश की कुसुम ठाकुर ने स्वर्ण पदक जीता. चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन ने रांची को एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया. देशभर से आए एथलीटों, कोचों और अधिकारियों ने बिरसा मुंडा स्टेडियम की सुविधाओं और आयोजन की सराहना की. प्रतियोगिता के दौरान कई युवा खिलाडिय़ों ने अपने प्रदर्शन से भविष्य के अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए मजबूत दावेदारी पेश की.
शॉट पुट के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और स्वर्ण पदक विजेता समरदीप सिंह गिल ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करना उनके लिए बेहद खास पल है. उन्होंने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं और आगे भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे. समरदीप ने 20.46 मीटर का थ्रो कर न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स का क्वालीफिकेशन मार्क भी पार किया.
वहीं महिलाओं की हाई जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की ख्याति माथुर ने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है. उन्होंने बताया कि वह प्रतियोगिता से पांच दिन पहले ही रांची पहुंच गई थीं ताकि बिरसा मुंडा स्टेडियम में बेहतर तरीके से अभ्यास कर सकें. ख्याति ने कहा कि उनके राज्य में इस स्तर का आधुनिक स्टेडियम नहीं है, जहां वह तकनीकी रूप से मजबूत तैयारी कर सकें. रांची में लगातार पांच दिनों तक की गई प्रैक्टिस का फायदा उन्हें प्रतियोगिता में मिला और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
एएफआई की फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष मधुकांत पाठक ने कहा कि रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैंपियनशिप पूरी तरह सफल रही. चार दिनों तक चले इस आयोजन में देशभर के खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन किया. कई एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई किया, जबकि प्रतियोगिता के दौरान अनेक नए रिकॉर्ड भी बने और कई पुराने रिकॉर्ड टूटे. उन्होंने कहा कि रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में खिलाडिय़ों को बेहतरीन सुविधाएं मिलीं, जिसका असर उनके प्रदर्शन में भी देखने को मिला.
इस चैंपियनशिप के जरिए भारतीय एथलेटिक्स को कई नए सितारे मिले, जबकि अनुभवी खिलाडिय़ों ने भी अपनी क्षमता साबित की. अब इन खिलाडिय़ों पर निगाहें आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में रहेंगी, जहां भारत को इनसे पदकों की बड़ी उम्मीद होगी.

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