भोपाल रीजन के 79.43 फीसदी विद्यार्थी हुए उत्तीर्ण

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भोपाल, (आरएनएस.)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार दोपहर में कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। विद्यार्थी सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अथवा डिजीलॉकर, उमंग एप के जरिए अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं। मध्य प्रदेश से इस साल सीबीएसई की कक्षा 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 80,454 विद्यार्थी शामिल हुए थे, इनमें भोपाल शहर के 9,399 विद्यार्थी शामिल हैं। सीबीएसई द्वारा इस बार भोपाल रीजन का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कमजोर रहा। इस वर्ष भोपाल रीजन में 79.43 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए, जबकि देशभर का औसत पास प्रतिशत 85.20 प्रतिशत दर्ज किया गया। भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से 5.77 प्रतिशत पीछे रहा। देशभर में इस वर्ष सीबीएसई 12वीं परीक्षा परिणाम 85.20 फीसदी दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 88.39 प्रतिशत की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। यानी इस बार राष्ट्रीय स्तर पर परिणाम में गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रवार प्रदर्शन में तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) रीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जहां 95.62 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। इसके विपरीत प्रयागराज रीजन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा और यहां पास प्रतिशत 72.43 दर्ज किया गया। दिल्ली वेस्ट और दिल्ली ईस्ट रीजन ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 91 प्रतिशत से अधिक परिणाम हासिल किए।भोपाल रीजन के आंकड़ों की बात करें तो यहां हर बार की तरह इस बार छात्रों के मुकाबले छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस वर्ष 76.87 फीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए, जबकि छात्राओं का परीक्षा परिणाम 82.19 प्रतिशत रहा। यानी छात्राओं की तुलना में पांच फीसदी अधिक छात्राएं सफल रहीं। हालांकि, भोपाल रीजन में चिंताजनक तथ्य भी सामने आया है कि कक्षा 12वीं में कुल परीक्षार्थियों में से 12.14 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे रहे, जो सभी विषयों में फेल हो गए। भोपाल देश के सबसे बड़े सीबीएसई रीजन में शामिल है। यहां सीबीएसई से संबद्ध कुल 1291 स्कूल हैं। स्कूलों की संख्या के लिहाज से भोपाल, 1483 स्कूलों वाले लुधियाना रीजन के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा रीजन है।सीबीएसई ने 12वीं का रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी किया है। विद्यार्थी अपने रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की मदद से लॉग-इन कर अपनी अंकसूची देख सकते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण परेशानी से बचने के लिए बोर्ड ने डिजीलॉकर, उमंग एप का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों को सभी विषयों में कम से कम 33 फीसदी अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि कोई छात्र दुर्भाग्यवश बोर्ड परीक्षा में एक या दो विषयों में फेल हो जाता है, तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सीबीएसई ऐसे छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान करता है। इस परीक्षा के माध्यम से छात्र उसी वर्ष अपनी परीक्षा पास कर सकते हैं और अपना शैक्षणिक वर्ष खराब होने से बचा सकते हैं। बोर्ड जल्द ही कंपार्टमेंट परीक्षा का शेड्यूल जारी करेगा, जिसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा छात्र उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी भी मंगा सकेंगे, ताकि वे अपने उत्तरों की समीक्षा कर सकें। बोर्ड जल्द ही इसकी तारीखें जारी करेगा।
गौरतलब है कि इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच कराई गई थीं। परीक्षा देशभर में एक शिफ्ट में हुई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद बोर्ड ने डिजिटल सिस्टम के जरिए कॉपियों का मूल्यांकन किया, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी रही। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी थी कि रिजल्ट देखने से पहले जरूरी दस्तावेज और विवरण तैयार रखें, ताकि लॉग-इन में परेशानी न हो। अब छात्र आगे की पढ़ाई और करियर से जुड़े फैसले ले सकेंगे, जबकि जरूरत पडऩे पर सुधार के विकल्प भी खुले रहेंगे।

 

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