अमृतसर में ‘भिखारी मुक्त अमृतसर, सम्मानजनक समाज’ अभियान शुरू

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पंजाब के अमृतसर में जिला प्रशासन और सामाजिक संस्था उम्मीद के सहयोग से सोमवार को केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की स्माइल परियोजना के तहत ‘भीख से शिक्षा की ओर’ नामक विशेष पुनर्वास एवं जागरूकता अभियान शुरू किया गया।
अभियान के तहत भीख मांगने में संलिप्त व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया और उनके पुनर्वास एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए गोल बाग में एक शेल्टर होम शुरू किया गया। इस केंद्र में जरूरतमंदों को आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवायें, परामर्श और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शेल्टर होम में लाभार्थियों को समाज से सम्मानपूर्वक जोडऩे के लिए प्रतिदिन प्रार्थना सत्र, योग, मनोरंजक गतिविधियां और कौशल विकास प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पुनर्वासित व्यक्तियों को अमृतसर में चल रहे विभिन्न कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से रोजगार के अवसरों से जोडऩे का भी प्रयास करेंगी। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से पैरा-लीगल वालंटियरों द्वारा कानूनी जागरूकता एवं परामर्श शिविर लगाये जाएंगे, जिनमें लोगों को उनके अधिकारों, पुनर्वास योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदरपाल सिंह ने बताया कि पंजाब भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम, 1971 के तहत पहली बार भीख मांगते पाये जाने वाले व्यक्तियों को पहले समझाया जाएगा, परामर्श दिया जाएगा और पुनर्वास की ओर प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जागरूकता और पुनर्वास प्रयासों के बावजूद कोई व्यक्ति भीख मांगने की गतिविधियों में शामिल रहता है, तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सामाजिक संस्था उम्मीद, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी मिलकर अमृतसर को भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यह अभियान समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और नयी दिशा देने की संवेदनशील पहल माना जा रहा है।

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