ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया, कहा-अगर वे शर्तों पर सहमत हो जाते हैं तो ठीक…अन्यथा पहले से तेज बमबारी होगी

Join Us

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर सख्त धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान दी गई शर्तों पर सहमत हो जाता है तो ठीक है, वरना दोबारा पहले से अधिक तेज हमले और बमबारी शुरू हो जाएंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अगर ईरान उन शर्तों पर सहमत हो जाता है, जिसे तय किया गया है… तो शायद बहुत बड़ी उम्मीद है कि पहले से ही लीजेंडरी एपिक फ्यूरी का अंत हो जाएगा और अत्यंत प्रभावी ब्लॉकेड के कारण होर्मुज सभी के लिए खुला रहेगा, जिसमें ईरान भी शामिल है। यदि वे सहमत नहीं होते, तो बमबारी शुरू हो जाएगी, और दुर्भाग्य से…वह पहले से कहीं ज्यादा स्तर और तीव्रता वाली होगी। इस मुद्दे पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच एक व्यापक और अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है। इसी कारण ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’को फिलहाल अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही कराई जा रही थी। अब यह देखा जा रहा है कि प्रस्तावित समझौता अंतिम रूप ले पाता है और उस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं या नहीं।
इससे पहले भी ट्रंप ने कई बार ईरान को कड़ी चेतावनी और धमकी दी थी। सोमवार को दिए एक बयान में उन्होंने कहा था कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे जहाजों को सुरक्षा दे रहे अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। यह बयान ऐसे समय में आया जब ईरान पर कुछ जहाजों पर हमले के आरोप लगे, जिन्हें अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा था।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि ईरान ने कई जहाजों को निशाना बनाया, जिनमें एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज भी शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में यातायात प्रभावी रूप से बाधित रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए अन्य देशों, खासकर दक्षिण कोरिया, को भी इस मिशन में शामिल होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में सात छोटी नौकाओं को निशाना बनाया है और क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति मजबूत रखी है। ट्रंप ने यह भी जोर दिया कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक हथियार, व्यापक सैन्य ढांचा और दुनिया भर में फैले सैन्य अड्डे हैं, जिनका उपयोग जरूरत पडऩे पर किया जा सकता है।

Previous articleआईआरजीसी का ऐलान: यूएस की धमकियां बेअसर, अब होर्मुज से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेंगे
Next articleयूक्रेन ने मांगा एकतरफा युद्धविराम, इधर रूस ने कीव पर कर दिया भीषण हमला; 27 लोगों की मौत