लखनऊ (ए.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर कोर्ट परिसर में इस सप्ताह उस समय सन्नाटा पसर गया, जब एक 24 वर्षीय उभरते हुए वकील, प्रियांशु श्रीवास्तव ने अदालत की इमारत की पाँचवीं मंजि़ल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आनन-फानन में उन्हें उर्सुला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत से पहले प्रियांशु ने जो सुसाइड नोट छोड़ा, वह किसी भी पत्थर दिल इंसान को झकझोर देने के लिए काफी है। छलांग लगाने से ठीक पहले प्रियांशु ने अपने वाट्सएप्प स्टेटस पर दो पन्नों का एक हाथ से लिखा नोट साझा किया। इस नोट में उन्होंने किसी बाहरी दुश्मन का नहीं, बल्कि अपने ही घर में मिले उस मानसिक और शारीरिक दुर्व्यवहार का जि़क्र किया, जिसने उन्हें घुट-घुट कर जीने पर मजबूर कर दिया था। अपने बचपन की कई ऐसी घटनाओं का जि़क्र किया, जिनसे उसे अपमान और शर्मिंदगी महसूस हुई थी। ऐसी ही एक घटना तब हुई थी, जब वह छह साल का था। उसने बिना पूछे फ्ऱिज से आम का जूस पी लिया था। इससे उसके पिता बहुत नाराज़ हो गए और उन्होंने उसे नंगा करके घर से बाहर निकाल दिया। नोट में लिखा है कि इस घटना का प्रियांशु पर गहरा और लंबे समय तक रहने वाला असर पड़ा, जिसकी वजह से उसे बार-बार अपराधबोध महसूस होता था। 2016 में हुई एक और घटना का जि़क्र करते हुए प्रियांशु ने बताया कि जब वह नौवीं क्लास में था, तो वह $िफजि़कल एजुकेशन विषय चुनना चाहता था, लेकिन उसके पिता ने ज़बरदस्ती उससे कंप्यूटर विषय चुनवाया। नोट में आरोप लगाया गया है कि पिता की बात न मानने पर उसे लगातार धमकियाँ दी जाती थीं और सज़ा दी जाती थी। उसके पिता अक्सर उसे अपमानित भी करते थे। पुलिस के मुताबिक, प्रियांशु ने कहा कि वह अब और ज़्यादा यह सब बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए उसने अपनी जान लेने का $फैसला किया। उसने यह भी गुज़ारिश की कि उसकी मौत के बाद उसकी माँ को परेशान न किया जाए। हालाँकि उसने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन नोट में उसने सा$फ तौर पर लिखा कि उसके पिता को उसके शव को छूने की इजाज़त न दी जाए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में उसने लिखा है, ‘मेरे पिता को मेरे शव को छूने न दिया जाए। मैं नहीं चाहता कि उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई की जाए, ताकि मेरे परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो। मेरी यही दुआ है कि किसी को भी ऐसा पिता न मिले। मैं हार गया, पापा जीत गए। उन्हें बहुत-बहुत बधाई। पुलिस $िफलहाल इस मामले की समीक्षा कर रही है। उन्होंने जाँच शुरू कर दी है और कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की $फुटेज भी खंगाल रही है। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भी भेज दिया गया है। समाचार एजेंसी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (पूर्व) सत्यजीत गुप्ता ने कहा, ‘सुसाइड नोट और वाट्सएप्प स्टेटस की बारीकी से जांच की जा रही है। ‘








