ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शांति वार्ता में बाधाओं को गिनाया, कहा- दुनिया पाखंडपूर्ण बयानबाजी देख रही

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अमेरिका के साथ शांति वार्ता में आ रही बाधाओं का कारण ईरान ने वाशिंगटन को बताया और उस पर असंगत आचरण और दबावपूर्ण रणनीति से बातचीत की संभावनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक्स पर अमेरिका का नाम लिए बगैर लिखा कि ईरान ने बातचीत और समझौते का हमेशा स्वागत किया है और हमेशा जारी रखे है। उन्होंने लिखा कि नाकाबंदी और धमकियां ही सच्ची बातचीत में सबसे बड़ी बाधाएं हैं।
पेजेश्कियन ने एक्स पर लिखा, ईरान के इस्लामी गणराज्य ने बातचीत और समझौते का स्वागत किया है, और वह ऐसा करना जारी रखे हुए है। वादों का उल्लंघन, नाकेबंदी और धमकियां ही सच्ची बातचीत के रास्ते में मुख्य बाधाएं हैं। ईरानी राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बगैर लिखा कि दुनिया आपकी अंतहीन पाखंडपूर्ण बयानबाजी को देख रही है, और साथ ही आपके दावों तथा आपके कार्यों के बीच के विरोधाभास को भी देख रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर अमेरिका-ईरान युद्धविराम बढ़ा दिया है। हालांकि, उन्होंने समयसीमा नहीं बताई। इसके बावजूद भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी के कारण ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। उसने बुधवार को समुद्री नियमों के उल्लंघन में एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास जहाजों को जब्त किया और 2 पर गोलीबारी की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने नाकाबंदी जारी रहने तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से इनकार कर दिया है, और इसे युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलिबफ ने कहा कि पूर्ण युद्धविराम का तभी कोई अर्थ है जब नौसैनिक नाकाबंदी के माध्यम से इसका उल्लंघन न किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी परिस्थितियों में ईरान के लिए जलडमरूमध्य को फिर से खोलना संभव नहीं है।

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