राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाकर कहा, प्रधानमंत्री समझौतावादी

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नई दिल्ली (ए)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फिर विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाकर टिप्पणी की है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट पर 11 फरवरी को लोकसभा में दिए गए भाषण का वीडियो पोस्ट लिखा है, भारतीय विदेश नीति हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा से उत्पन्न होती है। यह हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और सत्य एवं अहिंसा पर आधारित हमारी आध्यात्मिक विचारधारा में निहित होनी चाहिए। राहुल गांधी ने वीडियो पोस्ट कर लिखा है, 11 फरवरी 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के खतरे में होने की चेतावनी दी। अमेरिका ही तय करेगा कि हम किससे तेल खरीद सकते हैं और किससे नहीं। चाहे रूस से खरीदना हो या ईरान से, अमेरिका ही फैसला करेगा। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री फैसला नहीं कर रहे है। एक दिन पहले 5 मार्च को भी राहुल गांधी ने कहा था, विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है।
आगे भयंकर संकट मंडरा रहा है। भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी बदतर है। संघर्ष हमारे पड़ोस तक पहुंच गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इस समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसके विपरीत भारत के पास एक इसतरह के प्रधानमंत्री हैं, जो समझौतावादी हैं और रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है।
हालांकि पिछले सप्ताह इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत से अधिक उछाल देखा गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह यह रही कि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।

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