सीएम रेखा गुप्ता ने सुनीं दिल्लीवालों की समस्याएं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

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दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से आए दिल्लीवासियों की समस्याएं और सुझाव ध्यान से सुने। ‘जनता का शासन, जनता के द्वारा’ के अपने संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने न सिर्फ हर शिकायत को गंभीरता से लिया, बल्कि मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।
जनसुनवाई में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, टूटी सडक़ों, जलभराव और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। मुख्यमंत्री ने हर नागरिक से व्यक्तिगत बातचीत की और उनके प्रार्थना पत्रों पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में उठने वाली शिकायतों के निपटारे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। जनसुनवाई केवल समस्याएं सुनने का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने का माध्यम है। जब कोई नागरिक सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखता है और उस पर कार्रवाई होती है तो प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है। हमारी सरकार पूरी तरह जवाबदेह है और दिल्ली के हर नागरिक की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।
निशुल्क गैस सिलेंडर योजना पर उमड़ा जन-आभार
जनसुनवाई के दौरान दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आई महिलाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों ने होली और दिवाली पर निशुल्क गैस सिलेंडर की राशि देने की योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा 242 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी और सीधे बैंक खाते में 853 रुपये की राशि भेजने के फैसले ने उनके त्योहारों की खुशियों को और बढ़ा दिया है। महिलाओं ने इसे बड़ी राहत बताते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में यह योजना उनके रसोई बजट को संभालने में काफी मददगार साबित होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और उनकी दुआएं ही हमें और बेहतर काम करने की प्रेरणा देती हैं। जब लोग बताते हैं कि सरकारी योजनाओं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है, तो हमारा संकल्प और मजबूत होता है। हमारी सरकार पूरी तरह जवाबदेह है और जनसेवा ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।

 

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