यह संस्था लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि पीढिय़ों के सृजन के लिए काम करती है : अमित शाह

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नई दिल्ली (ए.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गीता प्रेस और उसकी मासिक पत्रिका कल्याण की सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि पीढिय़ों के सृजन के लिए काम करती है। शाह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ, ऋषिकेश के गीता भवन में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका कल्याण के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह में उपस्थित थे। गीता भवन में सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस सभा में उपस्थित गीता प्रेस और कल्याण के सभी पाठकों और प्रशंसकों को मैं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। कल्याण पत्रिका के 100वें अंक के विमोचन के इस शुभ अवसर पर उपस्थित होने का अवसर देने के लिए मैं गीता प्रेस का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। भारत में सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति, विश्व में समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय संस्कृति की ओर देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति और इस भूमि से प्रेम करने वाला प्रत्येक व्यक्ति गीता प्रेस से अनभिज्ञ नहीं हो सकता। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि प्रेस लाभ के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढिय़ों के सृजन के लिए काम कर रहा है। शाह ने कहा कि कल मैं किसी से बात कर रहा था, और जब बात लाखों किताबों और उनसे जुड़े आंकड़ों पर आई, तो उन्होंने मन ही मन गीता प्रेस के मुनाफे का हिसाब लगाना शुरू कर दिया। आप सब हँसे, और मैं भी हँसा। मैंने उनसे कहा कि यह प्रेस मुनाफे के लिए नहीं चलती; यह पीढिय़ों के सृजन के लिए चलती है।

 

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