जवानों के साहस को सलाम, देश उनकी निस्वार्थ सेवा का सदा ऋणी रहेगा : विदेश मंत्री एस जयशंकर

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नई दिल्ली (ए.)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना को सलाम किया। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा आज सेना दिवस पर हमारे सैनिकों के साहस और दृढ़ संकल्प को सलाम। राष्ट्र उनके निस्वार्थ सेवा के लिए उनके और उनके परिवारों के प्रति सदा कृतज्ञ रहेगा। भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है, यह दिवस लेफ्टिनेंट जनरल कोडंडेरा एम. कारियाप्पा (जो बाद में फील्ड मार्शल बने) द्वारा 15 जनवरी 1949 को भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस रॉय बुचर से भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण करने की स्मृति में मनाया जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इस दिन को उन सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि बताया, जो दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की सेवा करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने पत्र में लिखा कि मैं 2026 के सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना को हार्दिक बधाई देती हूँ। सेना दिवस हमारे उन सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद करने का दिन है जो राष्ट्र की सेवा में अडिग हैं। भारतीय सेना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार है। इसने सीमाओं की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जीवन बचाने में व्यावसायिकता, प्रतिबद्धता और वीरता की उच्चतम परंपराओं को निरंतर कायम रखा है। मैं ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के वीरतापूर्ण प्रदर्शन और उत्कृष्ट सफलता की सराहना करती हूँ। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय सेना राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान जारी रखेगी और आर्थिक प्रगति एवं समावेशी विकास को सुगम बनाएगी। मैं अपने सैनिकों को सलाम करता हूं और भारतीय सेना के प्रति राष्ट्र की अटूट कृतज्ञता को दोहराता हूं तथा सभी रैंकों के जवानों को उनके नेक कर्तव्य में निरंतर सफलता, शक्ति और गौरव की कामना करता हूं।

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