भोपाल,(ए.)। मध्य प्रदेश में ठंड सितम ढा रही है। उत्तर भारत के राज्यों की बर्फीली पहाडय़िों से आ रही ठंडी हवाओं ने पूरे प्रदेश को भीषण ठंड की चपेट में ले रखा है। जिसके असर से मध्य प्रदेश पिछले कई दिनों से भीषण शीतलहर की चपेट में है। सोमवार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया । मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में कोल्ड वेव यानी शीतलहर का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, शाजापुर, जबलपुर, सिवनी और शहडोल के लिए कोल्ड वेव अलर्ट, जबकि नरसिंहपुर में कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। हालात ऐसे हैं कि न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच सकता है।दिन में भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में कोल्ड वेव का असर है। भोपाल में पिछले 4 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के मध्य में द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 213 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। मौसम केंद्र का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश का मौसम इसी तरह बना रहेगा। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा।मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि ठंड बढऩे का मुख्य कारण एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है, जो अपर साइक्लोन सर्कुलेशन के रूप में उत्तर पाकिस्तान और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर रुका हुआ है। साथ ही, 13 दिसंबर से एक नया कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से हवाओं का रुख बदलने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 11 दिसंबर तक अधिकांश जिलों में ठिठुरन जारी रहने के आसार हैं।








