मप्र विधानसभा का अंतिम दिन
भोपाल(ए.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को दूसरे अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा में सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों का विस्तृत जवाब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्र का समापन करते हुए अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य रखा और प्रदेश के विकसित भविष्य का स्पष्ट रोडमैप सदन के सामने रखा।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चर्चा की शुरुआत सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन के आरोपों के साथ की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज में 130 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य राज्य चार प्रतिशत की दर से कर्ज ले रहे हैं, तब मध्य प्रदेश आठ प्रतिशत की दर पर कर्ज क्यों ले रहा है। सिंघार ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अभी भी केवल 70,424 रुपए है जो विकास की धीमी रफ्तार को दर्शाती है। उन्होंने जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि 280 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, इसके बावजूद मिशन की प्रगति संतोषजनक नहीं है। नेता प्रतिपक्ष का आरोप रहा कि कई योजनाएं इसलिए बंद हो रही हैं, क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त धन नहीं है। उन्होंने विधायक निधि को पांच करोड़ किए जाने के लिए प्रस्तावित राशि की भी याद दिलाई और कहा कि मुख्य बजट में इसका प्रावधान किया गया था। सिंघार के आरोपों के बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विपक्ष पर करारा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्ज लेकर राजस्व खर्च नहीं कर रही, बल्कि पूंजीगत व्यय यानी विकास कार्यों में निवेश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में 4,000 करोड़ रुपए के प्रावधान का उल्लेख करते हुए बताया कि उपार्जन, भावांतर, लाड़ली बहना सहित आमजन से जुड़ी तमाम योजनाओं के लिए भी अनुपूरक बजट में पर्याप्त राशि रखी गई है।देवड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार कर्ज लेकर समय पर ब्याज और मूलधन चुका रही है, जबकि कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेकर वेतन बांटे और अपने घर भरे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी और जिम्मेदार वित्त प्रबंधन कर रही है।








