– आने वाले दिनों में बर्फीली हवाओं से बढ़ेगी ठंड
भोपाल (ए.) । मध्य प्रदेश में सर्दी धीरे-धीरे अब रफ्तार पकडऩे लगी है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। बीती रात 9 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। प्रदेश में आने वाले दिनों में बर्फीली हवाओं से कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है, जबकि इसके पीछे एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इस वजह से पहाड़ों में बर्फबारी-बारिश होगी और फिर ठंडी हवाएं प्रदेश में आएगी।मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 5 और 7 दिसंबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना जताई है। इसके बाद हवा की दिशा उत्तरी होगी। जिससे 7-8 दिसंबर को एमपी के उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर में ठंड का असर बढ़ जाएगा। यही पर उत्तरी हवाओं का असर सबसे ज्यादा होता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर-नर्मदापुरम संभाग में भी कड़ाके की सर्दी का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की माने तो इस बार सर्दी का असर तेज रहा है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी रहेगी।नर्मदापुरम जिले का पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा बना हुआ है। यह प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है। घना जंगल होने की वजह से यहां पर ठंड का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। रात के साथ दिन में भी तापमान सबसे कम है। बुधवार-गुरुवार की रात में यहां पारा 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।








