पुतिन के भारत दौरे से पहले दिल्ली में हाई सिक्योरिटी अलर्ट, किले में तब्दील हुई राजधानी

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नईदिल्ली(आरएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुतिन के भारत दौरे से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। पुतिन की सुरक्षा दुनिया में सबसे पुख्ता मानी जाती है और इसी स्तर को बनाए रखने के लिए भारत और रूस दोनों देशों की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा में तैनात रूस की स्पेशल प्रोटेक्शन टीम कई दिन पहले ही दिल्ली आ चुकी है। यह टीम होटल, एयरपोर्ट, मीटिंग वेन्यू और पूरे रूट की बिना शोर-शराबे के जांच कर रही है। कहा जाता है कि यह टीम हर छोटे-बड़े खतरे का आकलन करती है। कौन-कौन कमरे में जाएगा, कौन सी लिफ्ट इस्तेमाल होगी, किस दरवाजे से एंट्री और किससे एग्जिट, सबकुछ मिनट-टू-मिनट तय होता है।
पुतिन जहां भी जाते हैं, एक मोबाइल केमिकल लैब साथ चलती है। इस लैब का काम उनके खाने और पानी की टेस्टिंग करना होता है। यानी पुतिन ना तो लोकल खाना खाते हैं और ना ही लोकल पानी पीते हैं। सबकुछ रूस से स्पेशली तैयार होकर आता है और कई स्तर की जांच के बाद ही उन्हें परोसा जाता है। पुतिन की सुरक्षा में एक और अनोखी बात यह है कि वो अपने पर्सनल पोर्टेबल टॉयलेट के साथ यात्रा करते हैं। इसका उद्देश्य उनकी हेल्थ, मेडिकल डेटा और निजी जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखना होता है। यह टॉयलेट उनकी कार से लेकर होटल तक, हर जगह साथ रहता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे तो लेकर दिल्ली पुलिस, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और केंद्रीय एजेंसियां भी हाई अलर्ट पर हैं। राजधानी के प्रमुख इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वीआईपी मूवमेंट के रूट्स का पहले से ट्रायल किया जा रहा है। होटल से मीटिंग वेन्यू तक मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रखी गई है। सभी प्वाइंट्स पर स्नाइपर्स की तैनाती की गई है साथ ही ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। टेक्निकल टीमें हर सिग्नल, कम्युनिकेशन और नेटवर्क पर नजर रखे हुए हैं साथ ही एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय है। पूरी राजधानी हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दी गई है।
पुतिन के काफिले के जिस रूट से गुजरने की संभावना है, वहां हाई-डेफिनिशन कैमरों और फेस रिकग्निशन सिस्टम की मदद से रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में 24म7 एक अलग मॉनिटरिंग डेस्क बनाई गई है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान दिल्ली के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। पुलिस का प्रयास रहेगा कि आम लोगों को कम से कम दिक्कत हो, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यह दौरा भारत-रूस संबंधों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार इन सभी क्षेत्रों में नई सहमतियों की उम्मीद है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां कोई भी चूक नहीं छोडऩा चाहती हैं। पुतिन के आते ही दिल्ली की सुरक्षा और भी सख्त हो जाएगी और उनका पूरा कार्यक्रम ‘जीरो एरर’ सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत संचालित होगा।

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