भोपाल/ बड़वानी (ए.)। जिले के सेंधवा अनुविभाग अंतर्गत वरला थाना क्षेत्र के उमर्टी गांव में शनिवार सुबह पुलिस टीम ने संयुक्त दबिश देकर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई मप्र एटीएस सहित मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की टीमों ने सुबह 4 बजे दबिश देकर की। अभियान में दोनों राज्यों के 250 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे। कार्रवाई में पुणे पुलिस, मध्य प्रदेश एटीएस, बड़वानी पुलिस, खरगोन पुलिस और खंडवा पुलिस की टीमें मौजूद थीं। फैक्ट्री जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की आड़ में लंबे समय से संचालित हो रही थी। पुलिस के मुताबिक महाराष्ट्र के पुणे में गत दिनों हथियार मिले थे, जिसके बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई है।
मौके से भारी मात्रा में सामग्री और अधबने हथियार बरामद
पुलिस को फैक्ट्री से हथियार निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनें, औजार, उपकरण और अन्य सामग्री की भारी खेप मिली। मौके पर कई अधबने कट्टे और पिस्टल भी मिले। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री से लगभग 500 से अधिक अवैध हथियार तैयार किए जा सकते थे। बरामदगी के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री का संचालन बड़े पैमाने पर किया जा रहा था और इसे छिपाने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों का उपयोग किया गया था।
गुप्त निगरानी के बाद संयुक्त कार्रवाई
बड़वानी एसपी जगदीश डावर ने बताया कि एटीएस सहित मप्र और महाराष्ट्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की है। क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर पुलिस टीम ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी की। पुख्ता इनपुट मिलने के बाद शनिवार सुबह संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। डावर ने इसे अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया। बरामद हथियारों, उपकरणों और सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि हथियार किन जिलों और राज्यों में सप्लाई किए जा रहे थे। एसपी ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे में गत दिनों मिले हथियारों के बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई है। कार्रवाई में 7 आरोपियों को पकड़ा गया है। महाराष्ट्र पुलिस को आरोपियों के सुपुर्द किया है।
10 से अधिक संदिग्ध हिरासत में, नेटवर्क की कडिय़ां तलाशने में जुटी पुलिस
संयुक्त कार्रवाई में 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई जिलों में सक्रिय हो सकता है और इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। टीम अब जब्त मोबाइल फोन, दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे नेटवर्क की कडिय़ां खंगाल रही है। शुरुआती जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। इस संयुक्त ऑपरेशन को मध्य प्रदेश के बड़वानी एसपी जगदीश डावर और महाराष्ट्र के पुणे डीसीपी ज़ोन-4 डॉ. सोमय मुंडे ने लीड किया। दोनों राज्यों की कई विशेष टीमें इस पूरे अभियान में सक्रिय रहीं।








