दर्दनाक हादसा : यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर, सात लोगों की मौत; 15 घायल

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दर्दनाक हादसा : यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर, सात लोगों की मौत; 15 घायल
मास्को ,15 नवंबर। रूस के पर्म क्षेत्र में एक छोटी यात्री बस और ट्रक में टक्कर होने की वजह से सात लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। एजेंसी ने शुक्रवार को क्षेत्रीय आपातकालीन सेवाओं के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार यह दुर्घटना आर-243 कोस्त्रोमा-शार्या-किरोव-पर्म सडक़ के 55 किलोमीटर दूर पर हुई। घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
क्षेत्रीय जाँच समिति के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि मिनी बस विपरित दिशा में चली गयी और ट्रक से टकरा गयी। समिति ने बताया कि मृतकों में एक नाबालिग भी शामिल है। इस सिलसिले में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।

Previous articleटैरिफ को लेकर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, अमेरिका ने कॉफी और फलों से हटाया शुल्क न्यूयॉर्क ,15 नवंबर। टैरिफ बम फोडक़र दुनियाभर में बवाल मचाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यू-टर्न ले लिया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने खाद्य आयात पर शुल्क में कटौती की है। आइए जानते हैं कि इससे भारत पर क्या असर होगा। ट्रंप का यह फैसला महंगाई को नियंत्रित करने और आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। वहीं इससे भारत को भी फायदा होने वाला है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को घोषणा की कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के फल और जूस, चाय और मसाले उन आयातों में शामिल हैं जिन पर पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा। व्हाइट हाउस फैक्टशीट में कॉफी और चाय, कोको, संतरे, टमाटर और बीफ का भी जिक्र किया गया। बता दें, ट्रंप ने भारत से आयात पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी जोड़ दिया है। ट्रंप ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पहले जेनेरिक दवाओं से टैरिफ हटा दिया था। ट्रंप के इस फैसले से भारत को काफी लाभ पहुंचा। भारत अमेरिका में निर्धारित 47 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है। वहीं, खाद्य उत्पादों की कीमतों में कुछ वृद्धि हाई टैरिफ की वजह से हुई, जिसकी वजह से इसका सीधा असर आयातकों और खुदरा विक्रेताओं के जरिए आम जनता की जेब पर देखने को मिला। न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और वर्जीनिया के हालिया चुनावों में डेमोक्रेट्स पार्टी ने अपने अभियान के दौरान महंगाई को मुद्दा बनाया। डेमोक्रेट्स ने महंगाई कम करने पर अपना फोकस रखा। इससे मतदाताओं की जेब पर कुल मिलाकर ज्यादा खर्च का दबाव पड़ा, जिससे उनकी जीत में मदद मिली। वहीं दूसरी ओर ट्रंप अंतरराष्ट्रीय मामलों, टैरिफ और निवेश में व्यस्त रहे और आम जनता के लिए जो महंगाई का मुद्दा था, उसपर उनका फोकस नहीं रहा। अमेरिका में महंगाई में कमी इस समय में राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है, ऐसे में भारत को आम, अनार और चाय के निर्यात को लेकर फायदा हो सकता है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार हाल के चुनावों में महंगाई ही वहां की जनता के लिए अहम मुद्दा रहा। सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, भुनी हुई कॉफी की कीमतों में 18.9 प्रतिशत और बीफ और वील की कीमतों में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भारत से आयातित मसालों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारतीय किराना दुकानों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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