वाशिंगटन ,,(आरएनएस)। अमेरिका और कनाडा के संबंधों में एक बार फिर बड़ा तनाव आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कनाडाई विज्ञापन से नाराज होकर कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं (ट्रेड टॉक्स) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। ट्रंप ने कनाडा पर एक धोखाधड़ीपूर्ण विज्ञापन प्रसारित करने का आरोप लगाया, जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को टैरिफ (आयात शुल्क) के खिलाफ बोलते हुए दिखाया गया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, उनके घटिया व्यवहार के आधार पर कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं समाप्त की जाती हैं।
विज्ञापन में क्या था, जिससे भडक़े ट्रंप?
यह विज्ञापन कनाडा के ओंटारियो प्रांत की सरकार द्वारा फंड किया गया था, जिसे प्रीमियर डौग फोर्ड ने 16 अक्टूबर को लॉन्च किया था। इसे अमेरिकी टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसलिए चलाया गया ताकि अमेरिकी जनमत को ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ के खिलाफ लामबंद किया जा सके।विज्ञापन में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के 1988 के एक वास्तविक भाषण की क्लिप का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें रीगन संरक्षणवाद की आलोचना कर रहे हैं। विज्ञापन में रीगन कहते हैं, टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करते हैं, नौकरियां छीनते हैं और उपभोक्ताओं पर बोझ डालते हैं।कनाडाई विज्ञापन में दावा किया गया कि ट्रंप का 25-35त्न टैरिफ ‘आर्थिक आत्महत्या’ जैसा है, जो कनाडा-अमेरिका व्यापार को भारी नुकसान पहुंचाएगा।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, रोनाल्ड रीगन फाउंडेशन ने अभी-अभी बताया है कि कनाडा ने एक विज्ञापन में धोखाधड़ी की है। इस फेक विज्ञापन में पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को टैरिफ पर निगेटिव बातें बोलते हुए दिखाया गया है। ये एड 7.5 करोड़ डॉलर का था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप कर सकें। ट्रंप ने आगे कहा कि टैरिफ राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी हैं। वहीं, रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल फाउंडेशन एंड इंस्टीट्यूट ने भी एक बयान जारी कर कहा कि यह विज्ञापन गुमराह करने वाला है और फाउंडेशन ने इसका विरोध किया है। अमेरिकी सरकार के इस फैसले ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। यह हैरानी की बात इसलिए भी है क्योंकि कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मेजबानी की थी। उस समय दोनों पक्षों ने आशावादी रुख दिखाया था और ट्रंप और कार्नी को संबंधों को फिर से सुधारने पर हंसते हुए चर्चा करते देखा गया था। कार्नी ने ट्रंप को खुश करने के लिए उनकी तारीफों के पुल बांध दिए थे और उन्हें मई में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करने का श्रेय भी दिया था। तब कार्नी ने वाशिंगटन से रवाना होते हुए कहा था कि वह खुशी-खुशी वापस लौटेंगे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। टोरंटो स्टार के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्नी ने गुरुवार को स्वीकार किया कि ट्रंप प्रशासन के साथ एक व्यापक व्यापार समझौता अब पहुंच से बाहर है।








