वाशिंगटन (आरएनएस) । गाजा में शांति स्थापित करने के प्रस्ताव पर सहमति बनने के अगले ही दिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकी संगठन हमास को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर हमास ने समझौते के तहत अपने हथियार नहीं डाले, तो अमेरिका उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर देगा, चाहे इसके लिए हिंसक तरीका ही क्यों न अपनाना पड़े।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से सवाल पूछा गया कि अगर हमास शांति प्रस्ताव की शर्त के मुताबिक हथियार डालने से इनकार करता है तो अमेरिका क्या करेगा? इस पर ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में जवाब देते हुए कहा, उन्हें (हमास को) हथियार डालने ही होंगे। अगर वे खुद ऐसा नहीं करेंगे, तो हम उनसे हथियार डलवा देंगे।
ट्रंप ने आगे दावा किया कि उनके करीबी सहयोगियों ने हमास के शीर्ष नेतृत्व से बात की है और संगठन ने हथियार छोडऩे पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, मैंने हमास से बात की है। मैंने कहा कि आप हथियार छोडऩे जा रहे हैं, ठीक है? उन्होंने कहा कि ‘यस सर, हम सारे हथियार खत्म कर देंगे।’ उन लोगों ने मुझसे यही कहा है। इसके बाद भी यदि वे हथियार नहीं छोड़ेंगे तो हम सख्ती से निपटेंगे और यह तरीका थोड़ा हिंसक भी हो सकता है। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि हमास को एक-एक बंधक को बिना शर्त रिहा करना होगा और मारे गए लोगों के सभी शवों को भी वापस सौंपना होगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य-पूर्व मामलों के लिए अपने विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और अपने दामाद जेरेड कुशनर को इस शांति प्रयिा की कमान सौंपी है। बताया जा रहा है कि विटकॉफ और कुशनर ने ट्रंप की सहमति से मिस्र के शर्म अल-शेख में हमास के शीर्ष नेताओं के साथ सीधी बातचीत की थी, जिसके बाद इस शांति प्रस्ताव का रास्ता साफ हुआ। इसी बातचीत के आधार पर ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि हमास हथियार डालने के लिए राजी हो गया है।
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