आतंकियों से मुठभेड़ में पाकिस्तान के 11 जवानों की मौत, मृतकों में लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल

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इस्लामाबाद (आरएनएस) । बुधवार को अफगान सीमा के पास एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में नौ जवान और दो अधिकारी मारे गए। पाकिस्तानी तालिबान ने इसकी जिम्मेदारी ली है।
स्थानीय मीडिया संस्थानों ने इसकी जानकारी दी है। पाकिस्तान सशस्त्र बल के प्रवक्ता (डीजी आईएसपीआर) ने पुष्टि की है कि खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई जिले में पाकिस्तानी तालिबान के हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के दो अधिकारियों सहित 11 सैनिक शहीद हो गए। कई आतंकवादियों के भी मारे जाने की खबर है। लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ (39), जो ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे, और मेजर तय्यब रहत (33) अपने नौ साथियों के साथ मारे गए।
उत्तर-पश्चिमी कुर्रम जिले में पहले सडक़ किनारे बम धमाके किए गए, इसके बाद गोलीबारी शुरू कर दी गई। पाकिस्तानी सेना ने एक बयान में कहा कि इस अभियान के दौरान आतंकियों को भी मार गिराया गया, जो पास के ओरकजाई जिले में छिपे थे। रॉयटर्स ने बताया है कि इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है। संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने काफिले पर हमला किया था। पिछले कुछ महीनों से टीटीपी ने पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमले तेज कर दिए हैं। यह संगठन पाकिस्तान सरकार को गिराकर अपने सख्त इस्लामी शासन की स्थापना करना चाहता है। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि ये आतंकी अफगानिस्तान में प्रशिक्षण लेकर पाकिस्तान पर हमले करते हैं, हालांकि काबुल इस बात से बार-बार इनकार करता है।
बता दें, पाकिस्तानी वायुसेना ने 21 सितंबर की रात खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी स्थित एक गांव पर 8 लेजर-गाइडेड बम गिराए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 30 लोग मारे गए थे, हालांकि आधिकारिक आंकड़ा 24 बताया गया। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उनके हमले का लक्ष्य तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का बम बनाने वाला अड्डा था। आरोप था कि ये लोग बम बनाकर पास की मस्जिद में छुपाकर रखते हैं।

 

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