न्यूयॉर्क (आरएनएस) । संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपने संबोधन के दौरान सामूहिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। जैसे ही नेतन्याहू ने गाजा पर विनाशकारी युद्ध जारी रखने की कसम खाई, कई देशों के प्रतिनिधि विरोध जताते हुए अपनी कुर्सी से उठे और हॉल से बाहर चले गए।
एक तरफ जहां कुछ लोगों ने उनके भाषण का तालियों से स्वागत किया, वहीं कई अन्य लोगों ने उनके आक्रामक रुख का खुलकर विरोध किया। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब नेतन्याहू महासभा के मंच से दुनिया को संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने संबोधन में दावा किया कि उनका भाषण लाउडस्पीकरों के जरिए सीधे गाजा में भी प्रसारित किया जा रहा है, ताकि वहां बंधक बनाए गए इजरायली नागरिक भी इसे सुन सकें। उन्होंने बताया कि इजरायली खुफिया सेवाओं ने उपकरणों पर कब्जा करके गाजा में लोगों के मोबाइल फोन के माध्यम से इस भाषण को प्रसारित किया है।पीएम नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा में बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों को संदेश देते हुए कहा, हम आपको नहीं भूले हैं। इजरायल आप सभी के साथ है। वहीं, उन्होंने हमास को सीधी धमकी देते हुए कहा, अपने हथियार डाल दो।








