कोलकाता पुलिस ने सेना के ट्रक को रोका, खतरनाक ओवरटेकिंग का आरोप

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कोलकाता,(आरएनएस)। कोलकाता पुलिस ने मंगलवार सुबह शहर के राइटर्स बिल्डिंग के सामने भारतीय सेना के एक ट्रक को रोका, जो कथित तौर पर कोलकाता के पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा की कार को पार करने की कोशिश कर रहा था. सिग्नल पर तैनात कोलकाता पुलिस के एक ट्रैफिक सार्जेंट ने तुरंत सेना के ट्रक को रोक लिया. कोलकाता पुलिस ने इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया है. पुलिस ने बताया कि उस सिग्नल से कोई राइट टर्न नहीं था.उधर, सेना के ट्रक को रोककर हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को सूचना दी गई. हेयर स्ट्रीट पुलिस के वहां पहुंचने पर, ट्रक से दो सैन्यकर्मी उतरे. लगभग आधे घंटे बाद, फोर्ट विलियम से सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों से बात की।
गौरतलब है कि सोमवार शाम को भारतीय सेना ने मेयो रोड पर आंदोलन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के मंच को गिरा दिया था. आरोप है कि अनुमति समाप्त होने के बाद भी मंच नहीं हटाया गया था. इसलिए, फोर्ट विलियम से सेना के जवानों ने आकर मंच और बैनर हटा दिए।
बाद में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के शीर्ष नेता वहां पहुंचे. ममता ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना भाजपा के इशारों पर चल रही है. इस पर तीखी बहस हुई. हालांकि सेना ने दावा किया कि मंच की अनुमति की अवधि समाप्त होने के बाद उसे तोड़ा गया. अगले ही दिन भारतीय सेना के ट्रक वाले मामले ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया! कोलकाता पुलिस ने एक ट्रैफिक सिग्नल का सीसीटीवी फुटेज जारी किया. यह भी आरोप लगाया गया कि सेना का ट्रक सडक़ के बाईं ओर से आ रहा था और उसके ठीक पीछे कोलकाता पुलिस का काफिला था. कथित तौर पर, सिग्नल के सामने आते ही ट्रक ने दाहिनी ओर मोड़ लिया. उसी समय, कमिश्नर की तेज रफ्तार गाड़ी किसी तरह वहां से गुजरी. ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत सेना के ट्रक को रोक लिया.
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सेना का वाहन बहुत खतरनाक तरीके से आगे बढ़ रहा था. इसलिए हमने उसे रोक दिया. कोलकाता पुलिस ने एक तस्वीर जारी की है. इसमें देखा जा सकता है कि जिस सिग्नल से ट्रक दाईं ओर मुड़ रहा था, उस पर नो राइट टर्न का चिन्ह बना हुआ था. हालांकि, साझा की गई तस्वीर में सिग्नल बंद दिखाया गया है.
वहीं, ट्रक में सवार दो सैन्यकर्मियों ने दावा किया कि उस समय राइटर्स बिल्डिंग के सामने दाएं मुडऩे का सिग्नल खुला था. इसलिए उन्होंने दाएं मुड़ लिया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि कोलकाता पुलिस का काफिला उनके पीछे है. यहां तक कि कोलकाता पुलिस द्वारा लगाए गए ओवरस्पीडिंग के आरोपों को भी उन सैन्यकर्मियों ने खारिज कर दिया है.
ट्रक चला रहे सेना के जवान ने कहा, हम सीधे आ रहे थे. पासपोर्ट ऑफिस जा रहे थे. सिग्नल खुला था. हमें आगे जाकर गाड़ी पार्क करनी पड़ी और उतरना पड़ा क्योंकि बाईं ओर पार्क करना संभव नहीं था. जब मैं दाईं ओर मुड़ा, तो सीपी सर की गाड़ी सामने से गुजरी. मुझे नहीं पता था कि सीपी सर का काफिला है.
हालांकि, फोर्ट विलियम से सेना के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद, ट्रक को हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ले जाया गया. सेना के अधिकारी भी वहां पहुंच गए हैं. वे कोलकाता पुलिस के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं.

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