भोपाल (ए.)। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय है। स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने के बाद से सोमवार से ही प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। भोपाल, रतलाम, दमोह, ग्वालियर समेत 26 से अधिक जिलों में झमाझम पानी बरसा। कहीं खेत-खलिहान लबालब हो गए तो कहीं गांव पूरी तरह पानी में डूब गए। नदियां उफान पर हैं, डैम ओवरफ्लो हो गए हैं और कई जगहों पर आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रतलाम जिले का पलसोड़ा गांव भारी बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया। गांव के घर, गलियां और खेत सब पानी में समा गए। हालात इतने गंभीर हो गए कि ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के लिए घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी। धोलावाड़ डैम के तीन गेट खोलने पड़े जिससे निचले इलाकों में पानी तेजी से भर गया। इस दौरान गांव के उसरगार और अमलेटा के बीच नाले की पुलिया भी धंस गई, जिससे सडक़ संपर्क टूट गया।मुरैना जिले के अंबाह में हालात इतने बिगड़े कि लगातार बारिश के बीच लोगों को मजबूरी में तिरपाल डालकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह दृश्य साफ दिखाता है कि बारिश ने किस हद तक सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। वहीं, तेज बारिश ने कई जिलों में तबाही मचाई। दमोह में एक मकान गिरने से मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं, उपलई गांव में एक कार पलट गई लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से कार सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान
मौसम वैज्ञानिक दीपक शाक्य ने बताया कि इस समय प्रदेश में दो ट्रफ लाइन्स सक्रिय हैं। यही कारण है कि मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, गुना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, नर्मदापुरम-पचमढ़ी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, देवास, खरगोन, बड़वानी, अशोकनगर और दतिया में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।








