वाङ्क्षशगटन ,(ए) । भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बुधवार को उस समय और गहरा गया जब अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस कदम के पीछे भारत द्वारा रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदने को मुख्य वजह बताया है। हालांकि, अमेरिका के इस दबाव के आगे झुकने से इनकार करते हुए भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और कहा है कि रूस से तेल का आयात बंद नहीं होगा।भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियों के अधिकारियों ने साफ किया है कि उन्हें सरकार की तरफ से रूस से तेल खरीद रोकने का कोई आदेश नहीं मिला है। उन्होंने अमेरिकी दबाव को खारिज करते हुए ‘देश पहले-व्यापार बाद में’ की नीति पर चलने का स्पष्ट संदेश दिया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सितंबर महीने में रूस से तेल के ऑर्डर में जो मामूली कमी आई है, उसका कारण अमेरिकी टैरिफ नहीं, बल्कि रूस द्वारा दिए जा रहे डिस्काउंट का कम होना है। पिछले साल जहां रूसी कच्चा तेल 2.5 से 3 डॉलर प्रति बैरल तक की भारी छूट पर मिल रहा था, वहीं अब यह छूट घटकर केवल 1.5 से 1.7 डॉलर प्रति बैरल रह गई है।








