विपक्ष के हंगामें के बीच कई बिल पास, लोकसभा ने आयकर विधेयक को दी मंजूरी

Join Us

नई दिल्ली (ए.)। मानसून सत्र के 16वें दिन भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हालांकि, आज हंगामे के बीच ही लोकसभा और राज्यसभा में कई विधेयक पारित किए गए। बावजूद इसके विपक्षी सांसदों का शोर शराबा जारी रहा जिसके कारण दोनों सदनों के कार्यवाही को स्थागित करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी कई। वहीं, राज्यसभा में भी कुछ ऐसा ही हुआ। राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी एवं अन्य दलों के सदस्यों ने मणिपुर में शांति एवं स्थिरता कायम करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में आतंरिक रूप से विस्थापित हुए लोगों का पुनर्वास किया जाना चाहिए, वहीं बीजद ने राज्य को वित्तीय पैकेज देने की मांग की।
आज की कार्यवाही
– राज्यसभा में सोमवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच तीन विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दिए जाने पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने विरोध जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसा नहीं होता। वहीं सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा जरूर होनी चाहिए लेकिन सदन को बंधक भी नहीं बनाया जा सकता। लोकसभा ने सोमवार को आयकर संबंधी उस नए विधेयक को स्वीकृति प्रदान कर दी, जो आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेगा। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष के सदस्यों की नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर (संख्यांक 2) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से अनुमोदित किया। इस विधेयक में प्रवर समिति की लगभग सभी सिफारिशों को शामिल किया गया है। लोकसभा ने कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य एकीकृत पेंशन योजना के अंशधारकों को कर छूट प्रदान करना है।
– संसद ने गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के लिए सीट आरक्षित करने के प्रावधान वाले एक अहम विधेयक को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी। राज्यसभा ने इस विधेयक को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
– वाणिज्यिक जलपोतों के स्वामित्व की पात्रता मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों का विस्तार करने के प्रावधान वाले ‘वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024’ को सोमवार को संसद की मंजूरी मिल गई।

Previous articleएक आदमी की नासमझी और एक परिवार की वजह से देश नुकसान नहीं झेल सकता : किरेन रिजिजू
Next articleरॉबर्ट वाड्रा पर 58 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप, ईडी ने दायर की चार्जशीट