अमेरिकी दबाव के चलते भारत और रूस की बढ़ी नजदीकियां, डोभाल और पुतिन ने किया मंथन

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मॉस्को,(ए)। अमेरिका भारत से कह रहा है कि रूस से तेल की खरीदी बंद कर दे। भारत दबाव में नहीं आया तो उस पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया गया। अमेरिका की इन हरकतों ने भारत और रूस के रिश्ते और गहरे कर दिए हैं। इसी बीच भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर इस मसले पर गहन मंथन किया है। आने वाले समय में ये अमेरिका के लिए मुश्किलें बढऩे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों पर महत्वपूर्ण वार्ता के लिए बुधवार को मॉस्को पहुँचे डोभाल ने पहले कहा था कि पुतिन इस साल के अंत में भारत का दौरा करेंगे। पुतिन के साथ भारतीय एनएसए की यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल खरीद को लेकर नई दिल्ली पर लगातार निशाना साध रहे हैं। ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि अगर आक्रामकता जारी रही तो मॉस्को को और भी कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, पुतिन ने ट्रंप के साथ बैठक की इच्छा जताई है और सुझाव दिया है कि यूएई इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर सकता है। इससे पहले दिन में डोभाल ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु के साथ बैठक की। शोइगु ने डोभाल के साथ बैठक में कहा कि मॉस्को और नई दिल्ली के लिए राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई पूर्ण वार्ता का समय तय करना महत्वपूर्ण है। शोइगु ने कहा कि रूस और भारत मजबूत, समय-परीक्षित मैत्री संबंधों से जुड़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश आधुनिक चुनौतियों और खतरों का मिलकर मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, मास्को के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात भारत के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रूप से मजबूत करना है, जो आपसी सम्मान, विश्वास, एक-दूसरे के हितों के प्रति समान विचार और एकीकृत एजेंडे को बढ़ावा देने की इच्छा पर आधारित है।

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