वाशिंगटन ( आरएनएस)। अमेरिका के वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद ग्रेगरी मीक्स ने भारत पर लगाए गए ट्रंप प्रशासन के टैरिफ को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात को लेकर भारत पर ट्रंप द्वारा लगाया गया शुल्क, दोनों देशों के बीच दशकों से बन रही मज़बूत साझेदारी को गंभीर खतरे में डाल सकता है।
ग्रेगरी मीक्स अमेरिकी कांग्रेस में विदेश मामलों की समिति के प्रमुख सदस्य हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप की यह ‘शुल्क संबंधी हताशा’ भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक, आर्थिक और जन-स्तर के गहरे रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती है। हमारे बीच गहरे रणनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संबंध हैं। अगर कोई चिंता है, तो उसका समाधान लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान के साथ किया जाना चाहिए, मीक्स ने कहा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने भारत पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया था और इसके साथ ही व्यापार वार्ताएं भी रोक दी थीं। इसके बाद, 4 अगस्त को ट्रंप ने एक बार फिर से अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की और चेतावनी दी कि यदि भारत रूस से तेल खरीद जारी रखता है तो और शुल्क लगाए जाएंगे।
भारत ने ट्रंप के इस कदम को अनुचित, अनुचित और अविवेकपूर्ण करार दिया है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। ट्रंप की ओर से घोषित नई वैश्विक टैरिफ दरें अब गुरुवार से लागू हो गई हैं, जिससे कई अमेरिकी साझेदार देशों पर असर पड़ा है। इन टैरिफों के तहत, सेमीकंडक्टर आयात पर भी 100 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है।
ट्रंप की व्यापार नीति को आर्थिक शक्ति के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इससे महंगाई बढ़ सकती है और विकास दर पर असर पड़ सकता है। ट्रंप की सोच है कि इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन इसके वैश्विक प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।
ग्रेगरी मीक्स ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी दोनों देशों के लिए बेहद अहम है।
टैरिफ जैसे संवेदनशील मुद्दों को बातचीत और सम्मानजनक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। उनका यह बयान दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच विश्वास और सहयोग को बरकरार रखने का संदेश देता है।








