इजरायल ने ईरान के इस्फहान पर किया हमला

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 -कहा-ईरान का परमाणु कार्यक्रम 2-3 साल पिछड़ा
तेल अवीव, (ए)। ईरान और इजरायल के बीच लगातार 9 दिन से युद्ध जारी है। इजरायल ने ईरान के इस्फहान शहर पर एक परमाणु केंद्र को निशाना बनाया है। ईरान ने कहा कि हमले के बाद किसी तरह का परमाणु विकिरण नहीं हुआ है। इजरायल का दावा है कि ताजा हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम 2-3 साल पिछड़ गया है।वहीं, ईरान ने भी इजरायल की राजधानी तेल अवीव और कुछ शहरों पर मिसाइलों और रॉकेट से हमला किया है।
इजरायल ने कहा कि उसने रिवोल्यूशनरी गार्ड के सेकेंड यूएवी ब्रिगेड के कमांडर अमीनपुर जौदकी को मार गिराया है। जौदकी ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के अहवाज क्षेत्र से इजरायल पर यूएवी हमले किए थे। इस्फहान के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि इजरायल ने आज लांजन, मोबारकेह, शाहरेजा और इस्फहान शहरों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि इस्फहान में परमाणु स्थल को भी निशाना बनाया गया था, लेकिन खतरनाक सामग्रियों का कोई रिसाव नहीं हुआ।
इजरायल ने कहा कि उसके बलों ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के रदवान बल से जुड़े एक ठिकानों पर हमला किया। सेना ने कहा कि नकौरा क्षेत्र में स्थित इस ठिकाने का इस्तेमाल इजरायली नागरिकों के हमलों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था। इजरायल ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए एक हिज्बुल्लाह लड़ाके ने इसकी जानकारी उसे दी थी। ताजा युद्ध में ये पहली बार है, जब इजरायल ने लेबनान पर हमले किए हैं।
ईरान ने ताजा हमलों में इजरायल पर लगभग 20 मिसाइलें दागी हैं, जिनमें से एक हाइफा पर गिरी। इसमें कम से कम 23 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर है। घायलों में एक 16 वर्षीय लडक़ा भी है, जिसके ऊपरी शरीर पर छर्रे लगे हैं। वहीं, हमलों के बाद कारमील में एक महिला का दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। इजरायल ने गोलान हाइट्स पर ड्रोन निष्क्रिय करने का दावा भी किया है।
ईरान के विदेश मंत्री अरब लीग के राजनयिकों के साथ बैठक के लिए इस्तांबुल पहुंचे हैं। इस बैठक में 40 राजनयिकों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें ईरान-इजरायल संघर्ष पर चर्चा की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री इस्लामिक सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए इस्तांबुल पहुंचे। ईरान के सुझाव पर इस बैठक में हमारे देश पर जायोनी शासन के हमले के मुद्दे पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।
ईरान में भारत के दूतावास ने कहा कि वह ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को निकाल रहा है। दूतावास ने कहा कि वह नेपाली और श्रीलंकाई नागरिकों को भी उनकी सरकारों के अनुरोध पर निकालने में मदद करेगा। यु्द्ध के बीच शुक्रवार रात 290 भारतीय नागरिक ईरान से दिल्ली लौटे हैं। इनमें से ज्यादातर कश्मीर के छात्र हैं और कुछ दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से भी हैं। गुरुवार को 110 छात्र आर्मेनिया के रास्ते भारत पहुंचे थे।
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