सिंधिया बाराती घोड़े,सत्ता के आसपास नाचते हैं-जीतू पटवारी

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भोपाल (आरएनएस)। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 3 जून को भोपाल के रवींद्र भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तीन घोड़ों का उदाहरण दिया। राहुल ने लंगड़े घोड़े, बारात के घोड़े और रेस के घोड़ों का उदाहरण दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के बयान का संदर्भ बताते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को बारात का घोड़ा बताया है और कहा कि ये सत्ता के आसपास नाचते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा दो दिनों से मैने ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान देखा। सिंधिया जी विदेश में पढ़े हुए हैं। भारतीय परंपराओं में मुहावरों और अलग-अलग तरीके से बात कहते हैं। वह शायद उनके समझ नहीं आती है।मैं मानता हूं कि राहुल गांधी जी ने कार्यकर्ताओं को मोटिवेट किया। उन्होंने कहा जो काम करेगा, जो बहादुरी से लड़ेगा पार्टी उसके साथ खड़ी रहेगी। पटवारी ने कहा कि एक और तरह के लोग होते हैं। जब सत्ता आती है तब वे अपना व्यू बनाते हैं। वैसे लोग सब पार्टियों में हैं। केवल कांग्रेस में ही नहीं बीजेपी में भी हैं। सत्ता से जुड़े हुए भाजपा में हमारे ही कई लोग गए हैं। वो सत्ता के लिए ही तो गए हैं।तीसरी बात जो राहुल गांधी ने कही कि दिव्यांग होता है इंसान। उसका पूरा सम्मान है। जो कहावतें है वो एक तरह से अपनी बात कहने का तरीका है। ऐसे लोग कई पार्टियों में होते हैं। जो काम करना नहीं न्यूसेंस करना चाहते हैं। उन लोगों को कहा कि जब सत्ता आएगी तो तब आपका उपयोग है।जीतू पटवारी ने कहा- मेरा मानना है कि भाजपा इस बात से घबरा रही है कि कांग्रेस खड़ी कैसे हो रही है। ये लडऩे कैसे लगे। ये तो हार गए थे। कांग्रेस में इतना जनसैलाब कैसे आने लगा हमारी तरफ तो भाजपा वाले देखते ही नहीं थे। हमें तो वो समझते थे कि ये तो डस्टबिन का हिस्सा बन गए। अब वो रिएक्शन करने लगे यानी पार्टी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हम हर हालत में इस बार सत्ता में आएंगे। राहुल गांधी के बयान को लेकर दिव्यांगों के विरोध करने पर पटवारी ने कहा किसी को भी इस तरह किसी की भावना को ठेस लगी हो तो मैं उनसे आग्रह करता हूं वो हिन्दी से वाक्य मुहावरों को पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि ये कहावतें सालों से चली आ रही है।दिव्यांगों को तो तब आंदोलन करना था जब मोहन यादव ने कहा था कि हमारे यहां कटे-पिटों को कोई ताज नहीं दिया जाता। मेरे जिस भाई ने भी कहा तो यह मेरे संज्ञान में नहीं हैं। उनकी भावना को ठेस लगी है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं। चूंकि हम मानते हैं कि ईश्वर ने उनमें अगर कोई शारीरिक दिव्यांगता दी है, इसका मतलब वो ईश्वर के रूप हैं।पटवारी ने आगे कहा राहुल जी ने कहा कि ऐसे घोड़े होते हैं जो सत्ता के आसपास नाचते हैं। ये बाराती घोड़े हैं और अभी बीच में जो चले गए। राहुल गांधी ने उनके लिए कहा कि ये बाराती घोड़े थे, तभी उधर भाग गए। इधर तो सब रेस के घोड़े बचे हैं और दौड़ रहे हैं।
जिनके लिए कहा जिनको बड़े-बड़े पद मिले थे उन्होंने सत्ता छोड़ दी। जो पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष रह लिए, सांसद रह लिए, केंद्रीय मंत्री रह लिए उनको लंगड़ा घोड़ा कहा। वो सब भाजपा में हैं उन्होंने गलत क्या कहा।

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