इस्लामाबाद (आरएनएस) । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आपसी बातचीत के माध्यम से कश्मीर, जल संकट और आतंकवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान खोजना चाहिए।
अजरबैजान के लाचिन में आयोजित पाकिस्तान-तुर्की-अजरबैजान त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान शहबाज शरीफ ने यह बात कही। यह इस हफ्ते में दूसरी बार है जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के साथ वार्ता की आवश्यकता पर जोर दिया है।इससे पहले, सोमवार को तेहरान में दिए गए एक बयान में भी उन्होंने सभी लंबित विवादों को हल करने के लिए भारत के साथ बातचीत की तत्परता दिखाई थी। हालांकि, भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर बातचीत होती है तो वह केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर ही केंद्रित होगी।
शहबाज शरीफ ने कहा, हमें शांति के लिए मिलकर बैठना होगा और बातचीत करनी होगी। ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है और उन्हें संवाद के जरिए सुलझाना जरूरी है।पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहबाज ने कहा कि उन्होंने पूरी विनम्रता से यह बात रखी है कि क्षेत्र में शांति स्थापित करना जरूरी है और इसके लिए उन मुद्दों पर बातचीत करना अहम है जिनका फौरी तौर पर समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से कश्मीर मुद्दे का उल्लेख किया और कहा कि इसका हल संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप तथा कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के मुताबिक होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, मैंने पूरी गंभीरता के साथ कहा है कि अगर भारत आतंकवाद से निपटने के लिए ईमानदारी से बातचीत करना चाहता है, तो पाकिस्तान इस विषय पर भी भारत से चर्चा करने के लिए तैयार है। शरीफ ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को फिर से शुरू करने की इच्छा भी व्यक्त की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले की आलोचना की और इसे पाकिस्तान के लोगों के लिए जीवन रेखा बताया। यह ध्यान देने योग्य है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।








