प्रदेश में चावल के परिवहन एवं भंडारण की गुणवत्ता की होगी कड़ी निगरानी

Join Us

भोपाल (आरएनएस)। प्रदेश के विभिन्न जिलों के मध्य रेक/एलआरटी के माध्यम से चावल का परिवहन एक निरंतर प्रक्रिया है, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रक्रिया की पारदर्शिता, गुणवत्ता और मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देशित किया है। मंत्री श्री राजपूत ने अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी को कहा है कि पूर्व में जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुपालन की जमीनी स्थिति की व्यापक समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि एसओपी के पालन में प्रेषण अथवा प्राप्तकर्ता जिलों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही होती है, तो इससे अमानक गुणवत्ता के चावल के जमा होने की संभावना बन सकती है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है, बल्कि शासन की साख भी प्रभावित हो सकती है। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने इस संदर्भ में आयुक्त, खाद्य के स्तर से एक विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह दल रेण्डम आधार पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चावल के परिवहन और भंडारण की संपूर्ण प्रक्रिया का औचक निरीक्षण करेगा। यह जांच दल संबंधित जिलों द्वारा की गई कार्यवाही का अभिलेखीय परीक्षण करेगा। इसमें प्रेषण व प्राप्ति रजिस्टर, परिवहन अनुबंध, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, भंडारण स्थल का भौतिक सत्यापन आदि शामिल होंगे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा पूर्व में जारी मानक निर्देश एवं एसओपी सभी जिलों के लिए बाध्यकारी हैं। इसमें किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे चावल के प्रेषण और प्राप्ति से जुड़ी कार्यवाहियों को एसओपी के अनुरूप ही निष्पादित करें तथा जांच दल को आवश्यक दस्तावेज एवं सूचनाएं उपलब्ध कराते हुए पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करें। मंत्री श्री राजपूत ने अपर मुख्य सचिव खाद्य को यह भी निर्देश दिया है कि जांच दल द्वारा की गई निरीक्षणीय कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाय, ताकि उसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि प्रदेश सरकार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दिशा में किए जा रहे सुधारात्मक उपायों के अंतर्गत यह कदम एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिससे शासन की खाद्य नीति और वितरण व्यवस्था को और अधिक भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।

Previous articleवन प्रबंधन में औपनिवेशिक सोच से मुक्त होना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Next articleविकास कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी, अधिकारियों को समय पर करना होगा पूरा काम