इजराइली पीएम गिरफ्तारी के डर से 400 किमी का चक्कर काट कर पहुंचे अमेरिका

Join Us

वाशिंगटन,(ए)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का असर अब शेयर बाजारों में देखने लगा है। भारत समेत एशिया और अमेरिका के शेयर बाजार औंधे मुंह गिर गए हैं। करीब 50 से ज्यादा देशों ने ट्रंप से मिलने की इच्छा जताई है। इसमें ट्रंप के दोस्त इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं। ट्रंप से टैरिफ मुद्दों पर राहत की दरकार करने नेतन्याहू आज अमेरिका पहुंच गए हैं। वह ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हंगरी से उड़ान भरने के बाद नेतन्याहू ने अमेरिका पहुंचने के लिए 400 किलोमीटर का अलग से चक्कर लगाकर सफर तय किया। इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि नेतन्याहू को गिरफ्तारी का डर सता रहा था।
नेतन्याहू के विमान ने हंगरी से अमेरिका की उड़ान के दौरान सामान्य मार्ग से करीब 400 किलोमीटर लंबा रास्ता तय किया ताकि उन देशों के हवाई क्षेत्र से बचा जा सके जो अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के गिरफ्तारी वारंट को लागू कर सकते थे। यह जानकारी इजऱाइली की रिपोर्ट में सामने आई है।दरअसल, गाजा में हजारों बेगुनाह लोगों की मौत का जिम्मेदार नेतन्याहू को माना है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। आईसीसी के नियमों को मानने वाले देश के यहां यात्रा करने पर नेतन्याहू को गिरफ्तार कर सकते थे। हालांकि हंगरी ने ऐसा नहीं किया। रिपोर्ट के मुताबिक इजऱाइल को आशंका थी कि आयरलैंड, आइसलैंड और नीदरलैंड जैसे देश आईसीसी द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत कार्रवाई कर सकते हैं, इसलिए नेतन्याहू के विमान ने उनके हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से नजरअंदाज किया। नेतन्याहू वर्तमान में अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए पहुंचे गए हैं। ट्रंप से इजराइल टैरिफ में राहत चाहता है। साथ ही गाजा युद्धविराम और ईरान संग बढ़ रहे तनाव पर भी चर्चा करने की संभावना है।
इससे पहले वह हंगरी के दौरे पर थे, जहां उन्होंने पीएम विक्टर ऑर्बन से बातचीत की। ऑर्बन की सरकार ने नेतन्याहू के दौरे से पहले घोषणा की थी कि वह आईसीसी की आधार संधि रोम स्टैच्युट से हट रही है, जो किसी भी आरोपी को आईसीसीस के सुपुर्द करने का दायित्व देती है। हंगरी की आईसीसी से औपचारिक वापसी में एक साल का समय लगेगा, लेकिन ऑर्बन सरकार ने कहा है कि वह नेतन्याहू के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को मान्यता नहीं देगी।

Previous articleबांग्लादेश में यूनुस सरकार अपने विरोधियों पर कर रही अत्याचार
Next articleट्रंप टैरिफ वार.. अमेरिका की दादागिरी पर भडक़ा ड्रैगन, बोला- ये सही नहीं