ईरान । मध्य पूर्व एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी किसी भी समय बड़े संघर्ष में बदल सकती है, जिससे लाखों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके ‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ के खिलाफ सख्त चेतावनी दे चुके हैं। वहीं, ईरान भी अब आर-पार की जंग के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (ढ्ढक्रत्रष्ट) के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम युद्ध की शुरुआत नहीं करेंगे, लेकिन हम हर प्रकार के टकराव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान जानता है कि अपने दुश्मनों को कैसे हराना है और वह एक कदम भी पीछे नहीं हटेगा।
सलामी ने आगे कहा, हम दुश्मन की धमकियों या युद्ध की संभावना से नहीं डरते — हम सैन्य और मनोवैज्ञानिक युद्ध दोनों के लिए तैयार हैं। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके देश के पास दुश्मनों को हराने की पूरी ताकत है, भले ही उन्हें अमेरिका का पूर्ण समर्थन क्यों न प्राप्त हो। हम दुश्मन के कमजोर बिंदुओं को जानते हैं और वे हमारे निशाने पर हैं, उन्होंने कहा।
जिहाद के लोग हैं, लडऩे को तैयार
हुसैन सलामी ने कहा कि दुश्मन ईरान को उकसाकर जंग की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान हर चुनौती के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, हम जिहाद के लोग हैं, जो बड़ी लड़ाइयों और दुश्मन को हराने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। पिछले वर्ष की घटनाओं का जिक्र करते हुए सलामी ने कहा कि यह साल चुनौतियों से भरा रहा है, जहां बुरी ताकतें सच्चाई के लोगों के खिलाफ एकजुट हो गई हैं।








