भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में बढ़ रही आदिवासी उद्यमियों की भूमिका : केंद्र

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नई दिल्ली (आरएनएस)। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि कम से कम 45 स्टार्टअप ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में आदिवासी उद्यमियों की बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित किया है। यह आदिवासी प्रतिभाओं को सशक्त बनाने में एक बड़ी उपलब्धि है।
हाल ही में संपन्न ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ में, आईआईएम कोलकाता और आईआईटी गुवाहाटी में इनक्यूबेट किए गए आदिवासी उद्यमियों के नेतृत्व वाले दो स्टार्टअप को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से राष्ट्रीय मान्यता मिली।जनजातीय कार्य मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने इन स्टार्टअप को उनके इनोवेशन और समुदाय के विकास के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी।इस कार्यक्राम में उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर आदिवासी भारत की आकांक्षाओं और क्षमता का प्रतिनिधित्व करने के लिए सभी भाग लेने वाले उद्यमियों के प्रयासों की सराहना की।गंगटोक बेस्ड आवरगेस्ट ट्रैवल्स को डी2सी (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पूर्वोत्तर के पहले ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर (ओटीए) के रूप में, यह सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में होमस्टे, फार्मस्टे, रिसॉर्ट और गाइडेड अनुभवों का एक क्यूरेटेड कलेक्शन प्रदान करता है।600 से ज्यादा होमस्टे और 50 प्लस गाइड के साथ, इस प्लेटफार्म ने 6,000 से ज्यादा यात्रियों को सेवा दी है और ग्रामीण आजीविका और इको-टूरिज्म का समर्थन किया है। यह मान्यता मंत्रालय के 100-दिवसीय एजेंडे के तहत दी गई है, जिसमें एक मजबूत आदिवासी स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी है।

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