ईरान की उल्टी गिनती शुरू, ट्रंप के प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं

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 परमाणु बम गिराने वाले बी-2 बॉम्बर तैनात

तेहरान (ए)। ईरान की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आखिरी आदेश का इंतजार हो रहा है। ईरान के पास अब सिर्फ दो ही विकल्प बचे हैं, या अमेरिका की बात माने या फिर विनाशक हमले के लिए तैयार रहे। ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका के शक्तिशाली परमाणु बम गिराने वाले बी-2 बॉम्बर ब्रिटिश डिएगो गार्सिया पर जमा हो रहे हैं, जिसका लक्ष्य ईरान पर हमला करना है। ईरान के सुप्रीम लीडर के पास वक्त खत्म होता जा रहा है। इतना ही नहीं ट्रंप ने इजरायल को ईरानी परमाणु स्थलों पर हमला की इजाजत दे दी है।
ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर को चेतावनी दे दी हैं कि नए परमाणु समझौतों पर दस्तखत करे या फिर ईरान पर हमले का इंतजार करे। ट्रंप ने सुप्रीम लीडर को 2 महीने का वक्त दे रखा है और अब सिर्फ इसमें 5 हफ्ते ही बचे हुए हैं। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने ओमान के रास्ते अमेरिका को कुछ संदेश भिजवाया है लेकिन उस संदेश में क्या कहा गया है फिलहाल इसकी कोई जानकारी नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जब तक ट्रंप की ओर से मैक्सिमम दबाव बनाया जाता रहेगा, ईरान अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा। ईरानी विदेश मंत्री भले ही सख्त दिखने कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एक्सपट्र्स का मानना है कि उनके पास अब विकल्प नहीं बचे हैं।
ट्रंप प्रशासन ने ईरान को कई तरह की चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने तत्काल हूती विद्रोहियों को मदद बंद करने को कह दिया है। इसके अलावा ऐसी रिपोर्ट है कि पिछले हफ्ते करीब 5 बी-2 स्पिरिट बमवर्षक यमन पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद बमबारी के लिए तैयार थे, जिसका मकसद हूती आतंकवादियों को निशाना बनाना था। बी-2 स्पिरिट बमवर्षक विमान दुनिया का सबसे शक्तिशाली बमवर्षक विमान है। इस विमान को विशाल वजन वाले बम और परमाणु बमों को गिराने के लिए डिजाइन किया गया है।

ये 25 टन के विशाल बम से किसी भी लक्ष्य को नष्ट करने की क्षमता रखता है। बी-2 स्पिरिट बॉम्बर विमान को डिएगो गार्सिया में तैनात किया गया है, जो ईरान से सिर्फ 2300 किलोमीटर दूर है। जबकि बम गिराने वाले विमान का रेंज 6900 मील से ज्यादा है।
ट्रंप ईरान को लेकर हमेशा से सख्त रहे हैं और 2020 में उनके ही आदेश पर ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को मौत के घाट उतारा गया था। ट्रंप को डर है कि बदला लेने के लिए ईरान उनकी हत्या कर सकता है। ट्रंप ने अपनी टीम को आदेश दे रखा है कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है, तब इस्लामिक देश को पूरी तरह से बर्बाद कर दें। ट्रंप ने फरवरी महीने में कहा था कि अगर उनकी हत्या कर दी जाती है, तब अमेरिका क्या करेगा, इसकी तैयारी पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा था कि मैंने आदेश दे रखा है कि अगर ऐसा करते हैं, तब वे नष्ट हो जाएंगे। कुछ भी नहीं बचेगा। बता दें कि पिछले साल नवंबर में दावा किया गया था कि एक ईरानी एजेंट उनकी हत्या की साजिश रच रहा था, जिससे अमेरिका में हडक़ंप मच गया था। हालांकि ईरान ने इन बातों को नकार दिया था।
जबकि ट्रंप ने 7 मार्च को ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को एक धमकी भरी चि_ी भेजी थी, जिसमें दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते पर सीधी बातचीत करने के लिए ईरान को चेतावनी दी गई थी। ट्रंप ने प्रस्ताव को खारिज करने और परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर ईरान को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

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