नई दिल्ली(ए)। चैत्र अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगने जा रहा है। नासा के अनुसार, ग्रहण यूरोप, एशिया, कैरेबियन, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, मॉन्ट्रियल, क्यूबेक, दक्षिण अमेरिका और आर्कटिक के क्षेत्रों में दिखाई देगा।भारत में सूर्य ग्रहण दोपहर 2:20 बजे शुरू होगा और शाम 4:17 बजे अपने चरम पर होगा। सूर्य ग्रहण शाम 6:13 बजे समाप्त होगा। हालांकि यह ग्रहण देश में दिखाई नहीं देगा। सूतक काल धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाने वाला काल है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण से 9 से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल तभी लागू होता है, जब यह नजर आता है। हालांकि साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भारत में लागू नहीं होगा। आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। चंद्रमा की छाया देश के ऊपर से नहीं गुजरेगी, जिससे भारत में इस खगोलीय घटना को नहीं देख पाएंगे।सूर्य ग्रहण के दिन ही न्याय और दंड के देवता शनि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 93 फीसदी हिस्से को ढक लेगा।








