नागपुर (आरएनएस)। नागपुर के महल इलाके में पथराव और तनावपूर्ण स्थिति के बाद पुलिस प्रशासन स्थिति को संभाल रहा है. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने अपील की है कि नागरिक इस स्थिति में प्रशासन का पूरा सहयोग करें. हम लगातार पुलिस प्रशासन के संपर्क में हैं और नागरिकों को उनका सहयोग करना चाहिए. नागपुर एक शांतिपूर्ण और सहयोगी शहर है. यह नागपुर की स्थायी परंपरा रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने किसी भी अफवाह पर यकीन न करने और प्रशासन को पूरा सहयोग देने की अपील की है।
महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को तनाव बढ़ गया. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (ङ्क॥क्क) के सदस्यों ने छत्रपति संभाजीनगर में मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र को गिराने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. हंगामा तब और बढ़ गया जब दो विरोधी समूह आमने-सामने आ गए, जिससे पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं. व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की भारी तैनाती करनी पड़ी. वीएचपी और बजरंग दल ने औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है. उनका कहना है कि यह कब्र सदियों के उत्पीडऩ और अत्याचारों का प्रतीक है, जो उनके शासनकाल के दौरान हुए थे.तर्क है कि कब्र का अस्तित्व एक अत्याचारी को महिमामंडित करता है. जिसने हिंदुओं का उत्पीडऩ किया और मंदिरों को नष्ट किया। वीएचपी के क्षेत्रीय प्रमुख किशोर चव्हाण ने कहा कि ‘औरंगजेब की क्रूरता अच्छी तरह से दर्ज है. उसने अपने पिता को कैद किया, अपने भाइयों को मार डाला और हिंदू मंदिरों को नष्ट करने का आदेश दिया। उसकी कब्र का अस्तित्व केवल उसके अत्याचारों को महिमामंडित करता है, और महाराष्ट्र सरकार को इसे तुरंत हटाना चाहिए.’ नागपुर प्रदर्शन से पहले के दिनों में, इन संगठनों ने सरकार पर कार्रवाई करने का दबाव बनाने के लिए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की तरह ‘कारसेवा’ करेंगे।
नागपुर की घटना
नागपुर में विरोध प्रदर्शन बजरंग दल और ङ्क॥क्क द्वारा आयोजित एक रैली के रूप में शुरू हुआ. जिसका मकसद औरंगजेब की कब्र को गिराने की मांग करते हुए जिला अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपना था. जैसे ही रैली जिला कलेक्टर के कार्यालय की ओर बढ़ी, विरोधी समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों गुटों के बीच टकराव हो गया. स्थिति तेजी से बिगड़ गई, दोनों पक्षों ने भारी पत्थरबाजी की. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झड़पों से आसपास के वाहनों और दुकानों को नुकसान पहुंचा, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई.








