निवेशकों के 8.95 लाख करोड़ रुपए डूबे
मुम्बई (ए.)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में ये गिरावट दुनिया भर से मिले कमजोर संकेतों के साथ ही चौतरफा बिकवाली हावी रहने से आई है आज बाजार करीब 9 महीने के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में इंट्रा-डे कारोबार में भी 8 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। आज बीएसई और एनएसई के सभी सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट रही। मिडकैप, स्मॉलकैप इंडेक्स में भी भारी बिकवाली रही। इस दौरान आईटी, वाहन और पीएसयू शेयर सबसे अधिक नीचे आये। इसके अलावा उर्जा, दवा, धातु शेयरों में भी बिकवाली हावी रही। दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1414.33 अंक करीब 1.90 फीसदी टूटकर 73,198.10 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 420.35 अंक तकरीबन 1.86 फीसदी फिसलकर 22,124.70 के स्तर पर बंद हुआ।सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर गिरे केवल एचडीएफसी का शेयर ऊपर आया जबकि निफ्टी के 50 में से 45 शेयर फिसले। वहीं निफ्टी बैंक के 12 में से 10 शेयरों में गिरावट रही । मिडकैप 1,222 अंक गिरकर 47,915 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 399 अंक गिरकर 48,345 पर बंद हुआ।
निवेशकों को हुआ 8.95 लाख करोड़ रुपए का नुकसान
शेयर बाजार में बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति 8.95 लाख करोड़ रुपए घट गई। शुक्रवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का बाजार पूंजीकर 384 लाख करोड़ रुपए रहा गया जबकि ये गत दिवस गुरुवार को करीब 393 लाख करोड़ रुपए था।
इससे पहले आज सुबह बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। में बिकवाली के कारण मुंबई स्टॉक एक्सचेंज सुबह 973 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मे 330 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था। शेयर बाजार मे निफ्टी 50 में 291 अंकों की गिरावट देखने को मिली। जिसके कारण शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है। देसी और विदेशी निवेशक की भारी बिकवाली दिन भर जारी रही। बाजार में पिछले 5 माह में लगभग 14000 अंकों की गिरावट देखने को मिली है। पिछले 5 महीने से शेयर बाजार में लगातार गिरावट होने से देसी निवेशकों का हौसला भी टूट गया है।
बाजार के टूटने का प्रमुख कारण ट्रेड वार की आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको पर 4 मार्च से ही 25 प्रतिशत टैरिफ लागू करने की घोषणा की है।
जबकि इसके पहले उन्होंने टैरिफ को 2 अप्रैल से लागू करने का संकेत दिया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन से आने वाले सामानों पर भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगेगा, जिससे ग्लोबल ट्रेड वार छिडऩे की आशंका बढ़ गई है। बाजार जानकार बताते हैं कि शेयर बाजार अनिश्चितता को पसंद नहीं करते हैं और जब से ट्रंप राष्ट्रपति चुने गए हैं, तब से अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। ट्रंप के टैरिफ ऐलानों का शेयर बाजार पर असर पड़ रहा है। साथ ही चीन पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ की नई घोषणा से शेयर बाजार के इस नजरिए की पु्ष्टि हो रही है कि ट्रंप अपने नए कार्यकाल में टैरिफ का इस्तेमाल देशों का धमकाने और फिर अमेरिका के अनुकूल समझौते करने के लिए करने वाले है।
एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी
एशियाई शेयरों में कमजोरी ने भी शुक्रवार को निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला। हांगकांग के शेयरों में शुक्रवार को गिरावट के साथ ही पिछले 6-हफ्तों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया। ट्रंप का चीनी सामानों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले के बाद वहां जमकर मुनाफावसूली देखने को मिली। हांगकांग के बेंचमार्क हैंग सेंग में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई।
जापानी शेयरों में विदेशी निवेशकों की ओर से करीब 5 महीनों की सबसे बड़ी बिकवाली देखने को मिली। यह कुल 1.04 ट्रिलियन येन की निकासी थी। जापानी येन में मजबूती, बढ़ती मंहगाई से जुड़ी चिंताएं और ट्रंप की टैरिफ नीतियों से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते एफआईआईएस ने बिकवाली की।
एआई सेक्टर की ग्रोथ पर संदेह बढऩा
एआई चिप्स इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजों ने भी बाजार में भूचाल लाने में अहम भूमिका निभाई। एनवीडिया के शेयर रातों रात 8.5 फीसदी तक गिर गए। कंपनी ने ग्रॉस मार्जिन के मोर्चे पर खासतौर से उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन किया। हालांकि एनवीडिया ने अपनी ग्रोथ को लेकर मजबूत अनुमान जताए हैं, लेकिन यह निवेशकों के मनोबल को उठा पाने में नाकाम रहा।
अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी की आशंका
अमेरिका में साप्ताहिक बेरोजगारी दावों में उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी हुई है। इस आंकड़े से दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी में सुस्ती की चिंता को बढ़ दिया है। इसकारण आईटी शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली, जिनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है।








