प्रयागराज,(आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के चौथे शाही स्नान पर श्रद्धालुओं का सोमवार को बसंत पंचमी के मौके पर भोर में ही स्नान का क्रम शुरू हो गया। इस बार कड़ी सुरक्षा के बीच अखाड़ों के साधु-संतों और श्रद्धालुओं को स्नान कराया जा रहा है। सुबह 8 बजे तक 35 लाख से अधिक लोगों ने संगम में डुबकी लगाई थी। सोमवार को पूरा दिन 3 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है।मौनी अमावस्या पर मची भगदड़ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीड़ संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन को और अधिक व्यवस्था करने को कहा है। सभी वीवीआईपी प्रोटोकॉल रद्द हैं।
मुख्यमंत्री योगी खुद सुबह 3:30 बजे से लखनऊ स्थित अपने आवास पर बने वॉर रूम से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।पुलिस और अर्धसैनिक बल के कर्मचारी श्रद्धालुओं को एक घाट पर जमा होने से रोक रहे हैं। वे किसी भी घाट पर स्नान के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।बसंत पंचमी के मौके पर शाही स्नान के लिए भोर होते ही सभी 13 अखाड़ों ने अपने महामंडलेश्वरों के नेतृत्व में त्रिवेणी संगम के घाटों की ओर औपचारिक यात्रा की।अखाड़ों के साधु-संत जुलूस की शक्ल में सुबह 5 बजे संगम घाट तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस की टीम भीड़ को व्यवस्थित कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बिना किसी त्रुटि के महाकुंभ संपन्न कराने को कहा है।महाकुंभ 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के शाही स्नान के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद 14 को मकर संक्रांति और 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर तीसरा शाही स्नान हुआ।बसंत पंचमी के बाद अगला शाही स्नान 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा पर होगा और अंतिम शाही स्नान 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होगा।महाकुंभ 26 फरवरी को अंतिम शाही स्नान के साथ संपन्न होगा। इसके बाद 2027 में नासिक में और 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ होगा।








