बांग्लादेश की नई करतूत सामने आई, बांग्लादेशी सेना को भारतीय सेना का मुकाबला करने का अधिकार मिलेगा

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ढाका,(ए)। बांग्लादेश में मोहम्मद युनुस की अंतरिम सरकार का समर्थन करने वाले इस्लामवादियों ने एक राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत अपनाने का आह्वान किया है। इस सिद्धांत से बांग्लादेशी सेना को भारतीय सेना का मुकाबला करने का अधिकार मिलेगा। यह जानकारी अंतरिम सरकार के सूत्रों से मिली है। यह मामला बांग्लादेश की राजनीति से जुड़ा है और हाल ही में हुए घटनाक्रमों का नतीजा है। इसमें इस्लामवादी, सेना, भारत और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भूमिका है। इस्लामपंथियों ने उस सैन्य नेतृत्व की मांग की है जो स्वतंत्र हो और भारत द्वारा कंट्रोल न हो। हाल ही में एक पत्रकार ने एक सार्वजनिक मंच पर यह बात कही। सूत्रों का कहना है कि पत्रकार की टिप्पणी इस्लामवादियों के विचारों को दिखाती है। पत्रकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अगुवाई वाली अवामी लीग पर सेना के नेतृत्व को कमजोर करने का आरोप लगाया। हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद से पत्रकार अवामी लीग के खिलाफ मुखर रहे हैं। वे अवामी लीग की स्टूडेंट विंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर रहे हैं। साइमा वाजेद, शेख हसीना की बेटी हैं, जिन्हें डब्ल्यूएचओ के एक महत्वपूर्ण पद के लिए नामांकित किया गया है। रहमान इस नामांकन को रद्द करना चाहते हैं। इसके अलावा जमुना पुल का नाम शहीद अबू सईद के नाम पर रखने, 2009 से भारत के साथ हुए समझौतों को सार्वजनिक करने और ढाका में बंगबंधु एवेन्यू का नाम बदलकर शहीद अबरार करने जैसे कदम शामिल हैं।

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