भोपाल । पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों में कोचों/वैगनों का पीरीयोडिक ओवर हालिंग का कार्य किया जाता है। दोनों कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन में अनुरक्षण डिपो में कोचों/वैगनों का अनुरक्षण करके अच्छा प्रदर्शन किया है। चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से दिसम्बर यानि नौ माह में सीआरडब्लूएस/भोपाल एवं डब्लूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 6,209 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवर हॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना भोपाल ने 1055 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 5154 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया। जबकि गतवर्ष इस अवधि में दोनों कारखानों ने 1003 कोचों और 5042 वैगनों सहित कुल 6045 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवर हॉलिंग कर मरम्मत किया गया था। इस प्रकार गतवर्ष की तुलना में दोनों कारखानों ने लगभग 3 प्रतिशत अधिक कोचों/वैगनों का पीओएच आउटटर्न किया है।
पिरियोडिक ओवर हॉलिंग (पीओएच) के दौरान निम्न कार्य किये जाते हैं :-
* कोच और वैगन के बॉडी और अंडर गियर की मरम्मत की जाती है, जिससे परिचालन में सरंक्षा सुनिश्चित की जा सके।
* कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पार्ट्स की मरम्मत की जाती है, जो सरंक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
* एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफ़र की मरम्मत की जाती है जिससे सरंक्षा में बढ़ोत्तरी एवं जर्क फ्री राइडिंग का अनुभव होता है।
* व्हील और एक्सल की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।








