एचएमपीवी के बढ़ते केसों पर राज्य रखें पैनी नजर, लोगों को करें जागरुक

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नई दिल्ली,(ए)। एचएमपीवी के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने देश में श्वसन संबंधी बीमारियों की वर्तमान स्थिति और उनके प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की समीक्षा की। स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को आईएलआई और एसएआरआई की निगरानी को और मजबूत करने की सलाह दी। साथ ही राज्यों से कहा गया है कि वह इसके उपायों के बारे में जनता को जागरुक करें, ताकि ऐसे मामलों का समय पर पता चल सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राज्यों को ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने और उनकी समीक्षा करना चाहिए, ताकि श्वसन संबंधी बीमारियों से निपटने में कोई कमी न हो।
चीन से शुरू हुआ एचएमपीवी वायरस ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु में इस वायरस से जुड़े मामलों की पुष्टि हुई है। महाराष्ट्र सरकार ने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी कर दी है। केंद्र सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को पहले ही कह दिया है कि वह समय-समय पर इस संबंध में अपडेट कराए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एचएमपीवी वायरस मुख्य रूप से पीडि़त व्यक्ति के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसके लक्षण कई मामलों में कोविड-19 जैसे ही हैं। ये वायरस खासतौर से शिशुओं और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा अपनी चपेट में लेता है। वायरस संक्रमित मरीज में सबसे आम लक्षण खांसी है। इसके साथ हल्का बुखार, घरघराहट, नाक बहना या गले में खराश जैसी परेशानी भी हो सकती है। वायरस से संक्रमित होने के बाद गंभीर लक्षण आ सकते हैं। सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है।

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